News by Mustaffa
मेसरा (रांची) : नगर निकाय चुनाव की आहट के बीच रांची जिला प्रशासन ने अवैध शराब माफियाओं की कमर तोड़ दी है। शनिवार को उत्पाद विभाग की टीम ने ओरमांझी थाना क्षेत्र के ईरबा (नीचे मोहल्ला) में सपाही पुल के पास चल रही एक विशाल अवैध शराब फैक्ट्री पर छापेमारी की। इस कार्रवाई में लगभग हजारों लीटर से अधिक स्पिरिट और नकली अंग्रेजी शराब बनाने के उपकरणों का जखीरा बरामद किया गया है। “गुप्त सूचना पर ‘सर्जिकल स्ट्राइक” यह कार्रवाई रांची के सहायक आयुक्त (उत्पाद) उमाशंकर सिंह के निर्देश पर चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत हुई। विभाग को पुख्ता जानकारी मिली थी कि रिहाइशी इलाके की आड़ में बड़े पैमाने पर जहरीली और नकली शराब तैयार कर चुनाव के दौरान खपाने की तैयारी है। टीम ने जब छापा मारा,तो वहां का नजारा देख अधिकारी भी दंग रह गए। मौके से भारी मात्रा में खाली बोतलें,विभिन्न ब्रांडों के लेबल,ढक्कन और पैकिंग मशीनें जब्त की गईं। “किराएदार ने मोबिल के नाम पर खोला था मौत का खेल” जांच के दौरान मकान मालिक के पुत्र दाऊद अंसारी ने बताया कि उनके पिता ने करीब 11 महीने पहले यह जगह रामगढ़ निवासी आजाद खान को लिखित एग्रीमेंट पर किराए पर दी थी। दाऊद के अनुसार किरायेदार ने कहा था कि वह यहां मोबिल (ऑयल) का गोदाम और कारोबार करेगा। चूंकि हमारा घर दूर है,इसलिए हमें अंदर की गतिविधियों का पता नहीं चला। हमें अंधेरे में रखकर यह अवैध काम किया जा रहा था। सिंडिकेट की तलाश में जुटी पुलिस,प्रशासन अब उस पूरे नेटवर्क को खंगाल रहा है जिसके तार अन्य जिलों से जुड़े हो सकते हैं। जब्त स्पिरिट की कीमत लाखों में आंकी जा रही है। अधिकारियों का मानना है कि इस फैक्ट्री से नकली शराब की सप्लाई पूरे रांची और आसपास के ग्रामीण इलाकों में की जा रही थी। “प्रशासन की चेतावनी” सहायक आयुक्त (उत्पाद) ने स्पष्ट किया है कि निकाय चुनाव को प्रभावित करने वाली किसी भी अवैध गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस मामले में संलिप्त मुख्य आरोपी और उसके सिंडिकेट के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
