निजी विद्यालयों के शुल्क निर्धारण नियमों की अवहेलना पर झारखंड पेरेंट्स एसोसिएशन का कड़ा रुख

360° Ek Sandesh Live

News by Sunil Verma

रांची: उपायुक्त रांची की अध्यक्षता में गठित जिला स्तरीय शुल्क निर्धारण समिति की बैठक में निजी विद्यालयों के संचालन, शुल्क निर्धारण, पुस्तक, पोशाक, परिवहन एवं अन्य व्यवस्थाओं को लेकर विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए गए थे। इन निदेर्शों का उद्देश्य अभिभावकों को राहत देना तथा शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना था। बैठक में स्पष्ट रूप से तय किया गया था कि निजी विद्यालय केवल विद्यालय स्तरीय शुल्क समिति की सहमति से अधिकतम 10% तक ही शुल्क वृद्धि कर सकते हैं, तथा इससे अधिक वृद्धि के लिए जिला स्तरीय समिति से पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य होगा। साथ ही ढका गठन,एनसीआरटी आधारित पुस्तकों का पालन, निर्धारित अंतराल में ही यूनिफॉर्म परिवर्तन, तथा किसी एक दुकान से पुस्तक/ड्रेस खरीदने के लिए बाध्य न करने जैसे महत्वपूर्ण निर्देश भी दिए गए थे। झारखंड पेरेंट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय राय ने आरोप लगाया है कि रांची के कई निजी विद्यालय इन सभी नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ा रहे हैं। उन्होंने कहा कि विद्यालयों द्वारा एनुअल चार्ज, डेवलपमेंट चार्ज सहित विभिन्न मदों में भारी शुल्क वसूला जा रहा ।अभिभावकों को निर्धारित दुकानों से ही पुस्तक एवं यूनिफॉर्म खरीदने के लिए मजबूर किया जा रहा है।पीटीए एवं शुल्क समिति के गठन और पारदर्शिता के निदेर्शों का भी सही पालन नहीं हो रहा है। अजय राय ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि एक सप्ताह के भीतर जिला प्रशासन द्वारा ठोस कार्रवाई नहीं की जाती है, तो झारखंड पेरेंट्स एसोसिएशन न्यायालय का दरवाजा खटखटाने को बाध्य होगी। झारखंड पेरेंट्स एसोसिएशन ने सभी अभिभावकों से आग्रह किया है कि वे आगे आएं और अपनी शिकायत दर्ज कराएं, ताकि इस मुद्दे पर सामूहिक रूप से कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

Spread the love