न्यू जलपाईगुड़ी–नागरकोइल अमृत भारत एक्सप्रेस पूर्वी हिमालय की तलहटी और देश के दक्षिणी सिरे के बीच महत्वपूर्ण रेल संपर्क बनेगी

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Eksandeshlive Desk

नई दिल्ली : न्यू जलपाईगुड़ी–नागरकोइल अमृत भारत एक्सप्रेस पूर्वी हिमालय की तलहटी और देश के दक्षिणी सिरे के बीच एक महत्वपूर्ण रेल संपर्क बनेगी। यह ट्रेन न्यू जलपाईगुड़ी—जो पूर्वोत्तर भारत का प्रवेश द्वार है और भूटान व बांग्लादेश के निकट एक प्रमुख सीमा क्षेत्र केंद्र है—को कन्याकुमारी जिले के नगरकोइल से जोड़ेगी। इससे राष्ट्रीय एकता को मजबूती मिलेगी और पूर्वी, मध्य तथा दक्षिणी भारत के बीच लंबी दूरी की कनेक्टिविटी बेहतर होगी। इसका मार्ग रणनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है क्योंकि यह सीमा से सटे क्षेत्रों, प्रमुख बंदरगाहों, औद्योगिक क्षेत्रों और घनी आबादी वाले आंतरिक इलाकों को एक ही रेल कॉरिडोर से जोड़ता है। यह ट्रेन साप्ताहिक आधार पर चलेगी। न्यू जलपाईगुड़ी–नागरकोइल अमृत भारत एक्सप्रेस बुधवार को शाम 4:45 बजे न्यू जलपाईगुड़ी से प्रस्थान करेगी और शुक्रवार रात 11:00 बजे नगरकोइल पहुंचेगी।

वहीं नगरकोइल–न्यू जलपाईगुड़ी अमृत भारत एक्सप्रेस रविवार रात 11:00 बजे नगरकोइल से रवाना होगी और बुधवार सुबह 5:00 बजे न्यू जलपाईगुड़ी पहुंचेगी। यह सेवा पश्चिम बंगाल, बिहार, ओडिशा, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु के कई जिलों को लाभ पहुंचाएगी। प्रमुख जिलों में पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी, मालदा, पश्चिम मेदिनीपुर, हावड़ा, हुगली और बीरभूम; बिहार के किशनगंज और कटिहार; ओडिशा के गंजाम, खुर्दा, कटक, जाजपुर और भद्रक; आंध्र प्रदेश के एसपीएसआर नेल्लोर, प्रकाशम, पश्चिम गोदावरी, पूर्व गोदावरी, विशाखापट्टनम, विजयनगरम, श्रीकाकुलम और चित्तूर; तथा तमिलनाडु के कन्याकुमारी, तिरुनेलवेली, थूथुकुडी, विरुधुनगर, मदुरै, डिंडीगुल, तिरुप्पुर, कोयंबटूर, इरोड, सलेम और वेल्लोर शामिल हैं। अपने मार्ग में यह ट्रेन कई प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों को जोड़ेगी। इनमें न्यू जलपाईगुड़ी के पास दार्जिलिंग–डुआर्स क्षेत्र, विशाखापट्टनम के समुद्र तट, मीनाक्षी मंदिर के लिए प्रसिद्ध मदुरै और नीलगिरि पर्वतों के प्रवेश द्वार के रूप में जाना जाने वाला कोयंबटूर शामिल हैं। कई राज्यों में बेहतर कनेक्टिविटी के माध्यम से न्यू जलपाईगुड़ी–नागरकोइल अमृत भारत एक्सप्रेस से पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और छोटे व्यापारियों को बाजारों तक बेहतर पहुंच मिलेगी, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्थाओं को मजबूती मिलेगी। उन्नत रेल संपर्क क्षेत्रीय विकास को समर्थन देगा, सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देगा और देश के पूर्वी, दक्षिणी तथा सीमा क्षेत्रों के बीच आर्थिक संबंधों को और मजबूत करेगा।

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