ओली की गिरफ्तारी की मांग पर युवाओं का प्रदर्शन, कई लोग गिरफ्तार

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Eksandeshlive Desk

काठमांडू : पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली और पूर्व गृहमंत्री रमेश लेखक की गिरफ्तारी की मांग करते हुए युवाओं ने गुरुवार को प्रदर्शन किया। प्रदर्शन कर रहे युवाओं को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। नेपाल में युवा 8 और 9 सितंबर को काठमांडू सहित देशभर में हुए प्रदर्शन में गोली से मारे गए युवाओं की मौत के लिए जिम्मेदार तत्कालीन सरकार के प्रधानमंत्री और गृहमंत्री की गिरफ्तारी की एक माह से मांग कर रहे हैं। गुरुवार सुबह से ही मैतीघर मंडला में ओली और लेखक की गिरफ्तारी की मांग करते हुए प्रदर्शन किया। पुलिस ने एक दर्जन युवाओं को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार प्रदर्शन शुरू होने से पहले ही सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए हिरासत में ले लिया गया। विरोध स्थल पर पहुंचने के तुरंत बाद उन्हें एक पुलिस वैन में रखा गया। युवाओं के एक समूह ने आज के विरोध प्रदर्शन को वापस ले लिया था, लेकिन इसके बावजूद कुछ युवा वाहन विरोध प्रदर्शन करने पहुंचे थे।

पूर्व पीएम ओली ने सुशीला सरकार को दी खुद को गिरफ्तार करने की चुनौती : पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने गुरुवार को कहा कि यदि अंतरिम सरकार की प्रधानमंत्री सुशीला कार्की में हिम्मत है, तो उन्हें गिरफ्तार करके दिखाए। ओली ने कहा कि वो सरकार के डर से भागने वाले नहीं है। काठमांडू में एक सभा में अपनी गिरफ्तारी को चुनौती देते हुए ओली ने सुशीला कार्की की सरकार को असंवैधानिक बताते हुए उसके आदेश का पालन नहीं करने की बात कही है। काठमांडू से बाहर की यात्रा पर प्रतिबंध लगाए जाने पर ओली ने कहा कि वे किसी के डर से भागने वाले नहीं है। उन्होंने कहा कि पश्चिमी शक्ति की आड़ में सत्ता में बैठने वाली सुशीला कार्की को इस देश की जनता ही सत्ता से बाहर ला खड़ी करेगी। पार्टी नेताओं कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए ओली ने कहा कि जल्द ही हम इस असंवैधानिक सरकार को उसकी असली जगह पर पहुंचाएंगे। उन्होंने कार्की की नियुक्ति के खिलाफ जल्द ही अदालत का दरवाजा खटखटाने की बात कही है। ओली ने कहा कि अन्य राजनीतिक दलों के साथ मिल कर इस असंवैधानिक सरकार और असंवैधानिक तरीके से संसद विघटन के खिलाफ संघर्ष किया जाएगा।

संसद भंग और वर्तमान सरकार की वैधानिकता को कोर्ट में चुनौती देने की तैयारी : नेपाली कांग्रेस और नेकपा एमाले भंग प्रतिनिधि सभा की बहाली और वर्तमान सरकार की वैधता पर सवाल उठाते हुए अदालत का दरवाजा खटखटाने की तैयारी कर रहे हैं। भंग किए गए प्रतिनिधि सभा में ये दोनों सबसे बड़ी पार्टी रही है। नेपाली कांग्रेस के प्रवक्ता डॉ. प्रकाश शरण महत ने बताया कि दोनों ही दल संयुक्त रूप से इस विषय पर कानूनी परामर्श में शुरू से जुटी हुई है। महत का दावा है कि जैसे ही अदालती प्रक्रिया शुरू हो जाएगी उसी दिन हमारे तरफ से कोर्ट के याचिका दाखिल करने की तैयारी है। नेकपा एमाले के उपमहासचिव प्रदीप ज्ञवाली ने कहा कि संसद भंग किसी भी दृष्टि से संवैधानिक नहीं है। उन्होंने बताया कि अदालत का ही आदेश है कि जब तक सरकार बनने की संभावना बनी रहेगी तब तक संसद भंग नहीं होना चाहिए। उसी को आधार बना कर रिट दायर करने की तैयारी है। इन दोनों दलों का मानना है कि सुशीला कार्की सरकार का गठन भी असंवैधानिक है इसलिए इस सरकार की वैधानिकता पर भी सवाल उठाया जाएगा। नेपाल के जानेमाने संविधान विशेषज्ञ भीमार्जुन आचार्य ने कहा कि संसद भंग और सरकार की वैधानिकता को चुनौती देने वाली रिट एक साथ ही अदालत में दायर की जाएगी।

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