पाकिस्तान ने भारतीय विमानों के लिए हवाई क्षेत्र के प्रयोग पर प्रतिबंध लगाया, राजनयिकों की संख्या में कटौती और वाघा सीमा बंद की

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Eksandeshlive Desk

इस्लामाबाद : भारत के जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले पर नई दिल्ली के दंडात्मक कूटनीतिक उपायों की घोषणा से तिलमिलाए पाकिस्तान ने गुरुवार को अपने अन्य उपायों के साथ वाघा सीमा को बंद करने की घोषणा की। यह घोषणा राष्ट्रीय सुरक्षा समिति (एनएससी) की बैठक के बाद की गई। बैठक में कहा गया कि अगर भारत, पाकिस्तान के स्वामित्व वाले पानी के प्रवाह को रोकता या मोड़ता है, तो इसे युद्ध की घोषणा माना जाएगा। संघीय सरकार ने 30 अप्रैल से इस्लामाबाद में भारतीय उच्चायोग के राजनयिक कर्मचारियों की अधिकतम संख्या 30 तक सीमित करने और तत्काल प्रभाव से सभी भारतीय स्वामित्व वाली या संचालित उड़ानों के लिए अपना हवाई क्षेत्र बंद करने की घोषणा की।

डॉन अखबार और जियो न्यूज की खबर के अनुसार, यह बैठक भारत के आक्रामक कदमों के जवाब में बुलाई गई। पहलगाम में मंगलवार को इस हमले में दो दर्जन से अधिक लोगों की मौत हो गई थी। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में शीर्ष नागरिक और सैन्य नेतृत्व ने भाग लिया। रेडियो पाकिस्तान ने बताया कि बैठक में पाकिस्तान की आंतरिक और बाहरी स्थिति पर विचार-विमर्श किया गया। बैठक में सिंधु जल संधि को स्थगित करने के भारत के फैसले पर भी चर्चा की गई। बैठक में सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर भी मौजूद रहे। बैठक शुरू होने से पहले उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार, रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ और कुछ अन्य मंत्री इस्लामाबाद में प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के आधिकारिक आवास पहुंचे। राष्ट्रीय सुरक्षा समिति ने चेतावनी दी है कि भारत के पाकिस्तान के स्वामित्व वाले जल के प्रवाह को मोड़ने के किसी भी कदम को युद्ध की कार्रवाई माना जाएगा। समिति ने कहा कि सिंधु जल संधि को निलंबित करने का भारत का फैसला एकतरफा है। सिंधु जल संधि 240 मिलियन पाकिस्तानियों के लिए जीवन रेखा है। पाकिस्तान हर हाल में अपने जल अधिकारों की रक्षा करेगा। पाकिस्तान ने 30 अप्रैल से इस्लामाबाद में भारतीय उच्चायोग के राजनयिक कर्मचारियों की अधिकतम संख्या 30 तक सीमित करने की घोषणा की। इसके अतिरिक्त, पाकिस्तान ने तत्काल प्रभाव से सभी भारतीय स्वामित्व वाली या संचालित उड़ानों के लिए अपना हवाई क्षेत्र बंद कर दिया है।

समिति ने भारत के साथ सभी तरह के व्यापार को निलंबित करने का भी फैसला किया। इस फैसले में तीसरे देशों के माध्यम से होने वाले व्यापार भी शामिल हैं। इसके अलावा, वाघा सीमा क्रॉसिंग को तत्काल बंद करने की घोषणा की गई है। समिति में मौजूद सैन्य और नागरिक नेतृत्व ने जोर देकर कहा कि भारत की शत्रुतापूर्ण कार्रवाई का पूरी ताकत से जवाब दिया जाएगा। मुल्क और सशस्त्र बल आक्रमण का मुकाबला करने के लिए तैयार हैं। बैठक के बाद जारी बयान में यह भी उल्लेख किया गया कि भारत की कार्रवाई दो-राष्ट्र के सिद्धांत को मान्य करती हैं और कायदे-आजम मोहम्मद अली जिन्ना की व्यक्त की गई आशंका की पुष्टि करती हैं।