पारस एचईसी हॉस्पिटल : मैकेनिकल वेंटिलेशन वर्कशॉप में विशेषज्ञों ने साझा किये अनुभव

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मैकेनिकल वेंटिलेशन एक अत्यंत संवेदनशील प्रक्रिया: शिव अक्षत

Eksandeshlive Desk

रांची : पारस एचईसी हॉस्पिटल, रांची के तत्वावधान में “मैकेनिकल वेंटिलेशन ट्रेनिंग प्रोग्राम एवं हैंड्स-ऑन वर्कशॉप”का आयोजन किया गया। होटल ली लेक में आयोजित इस एक दिवसीय कार्यक्रम में बड़ी संख्या में डॉक्टरों, नर्सों एवं स्वास्थ्यकर्मियों ने भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य क्रिटिकल केयर से जुड़े चिकित्सा पेशेवरों को वेंटिलेटर के उपयोग एवं प्रबंधन की उन्नत तकनीकों से अवगत कराना था। विशेषज्ञों द्वारा विभिन्न सत्रों के माध्यम से प्रतिभागियों को न केवल सैद्धांतिक जानकारी दी गई, बल्कि वास्तविक परिस्थितियों में वेंटिलेटर संचालन का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी प्रदान किया गया।

इस दौरान क्रिटिकल केयर विशेषज्ञ शिव अक्षत सहित अन्य विशेषज्ञों ने अपने अनुभव साझा करते हुए आधुनिक तकनीकों और प्रोटोकॉल पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि मैकेनिकल वेंटिलेशन एक अत्यंत संवेदनशील प्रक्रिया है, जिसमें मरीज की स्थिति के अनुसार हर क्षण सही सेटिंग और मॉनिटरिंग आवश्यक होती है। ऐसे में प्रशिक्षित और दक्ष टीम ही बेहतर परिणाम सुनिश्चित कर सकती है। गंभीर मरीजों के उपचार में समय की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है। यदि सही समय पर सही तकनीक का उपयोग किया जाए, तो मृत्यु दर को काफी हद तक कम किया जा सकता है। कार्यक्रम में हैंड्स-ऑन वर्कशॉप के माध्यम से प्रतिभागियों को वेंटिलेटर के विभिन्न मोड, अलार्म सिस्टम, मरीज की प्रतिक्रिया के आधार पर सेटिंग में बदलाव तथा जटिल परिस्थितियों के प्रबंधन की गहन जानकारी दी गई। सिविल सर्जन डॉ प्रभात कुमार ने पारस हॉस्पिटल, रांची द्वारा आयोजित कार्यक्रम की काफी सराहना की है। उन्होंने कहा कि निजी अस्पतालों को इस तरह के कार्यक्रम आयोजित करते रहना चाहिए ताकि लोगों में जागरूकता और अवेयरनेस बढ़े। उन्होंने इस सफल आयोजन के लिए पारस हॉस्पिटल को बधाई दी और उनके काम को उम्मीद से कहीं बेहतर बताया।

पल्मोनोलॉजिस्ट डॉ ओंकार कुमार झा ने कहा कि मैकेनिकल वेंटिलेशन का सही उपयोग गंभीर मरीजों के जीवन को बचाने में अहम भूमिका निभाता है। इसके लिए नियमित प्रशिक्षण और व्यावहारिक अनुभव बेहद आवश्यक है, जिससे चिकित्सक जटिल परिस्थितियों में भी बेहतर निर्णय ले सकें। इस अवसर पर फैसिलिटी डायरेक्टर डॉ. नीतेश कुमार ने कहा कि आधुनिक चिकित्सा में तकनीक तेजी से बदल रही है, इसलिए स्वास्थ्यकर्मियों को निरंतर अपडेट रहना जरूरी है। इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम न केवल नई तकनीकों से परिचित कराते हैं, बल्कि टीमवर्क, समन्वय और प्रोटोकॉल-आधारित उपचार को भी बढ़ावा देते हैं, जिससे अंततः मरीजों को बेहतर और सुरक्षित उपचार मिल पाता है। पारस एचइसी हॉस्पिटल रांची उद्देश्य चिकित्सा पेशेवरों को नवीनतम तकनीकों से सशक्त बनाना है, ताकि मरीजों को बेहतर एवं त्वरित उपचार मिल सके।

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