Eksandeshlive Desk
रांची : पारस एचइसी हॉस्पिटल रांची के ऑर्थोपेडिक्स विभाग में एक चमत्कारिक सर्जरी को अंजाम दिया गया है। हॉस्पिटल के प्रख्यात ऑर्थोपेडिक्स कंसल्टेंट डॉ अवकाश कुमार और उनकी टीम ने एक सात वर्षीय बच्चे के बाजू को कटने से बचा लिया है। स्कूल में झूले से गिरने के कारण बच्चे की बाजू की दोनों हड्डियां टूटकर शरीर से बाहर निकल आई थीं। चोट इतनी गंभीर थी कि उसके दाहिने हाथ की दोनों हड्डियां (रेडियस और उल्ना) टूटकर बाहर निकल गई थीं। जांच में पाया गया कि खुले जख्म और हड्डियों के भीतर स्कूल के मैदान की मिट्टी और कीचड़ धंस गए थे। इसके बाद डॉ अवकाश कुमार ने बिना समय गंवाए आपातकालीन अंग-बचाव सर्जरी का निर्णय लिया। इस जटिल प्रक्रिया में सबसे पहले हड्डियों के अंदर से मिट्टी और संक्रमित कचरे को पूरी तरह साफ किया गया। इसके बाद, एक ही ऑपरेशन में दोनों हड्डियों को सफलतापूर्वक फिक्स किया गया।
डॉ अवकाश कुमार ने समय पर सर्जरी की जिससे संक्रमण को फैलने से रोक लिया गया और बच्चे का हाथ पूरी तरह बचा लिया गया। मेडिकल रिपोर्ट के अनुसार अब बच्चे का हाथ पूरी तरह से काम कर रहा है और वह तेजी से सामान्य जीवन की ओर लौट रहा है। इस सर्जरी में ऑर्थोपेडिक्स टीम को एनेस्थीसिया टीम का पूर्ण सहयोग मिला, जिनकी विशेषज्ञ देखरेख और सतत मॉनिटरिंग ने इस लिंब सेविंग सर्जरी को सफल बनाने में अहम भूमिका निभाई। डॉ अवकाश ने कहा कि यह एक ‘हाई रिस्क’ केस था। हड्डियों में मिट्टी होने के कारण ऑस्टियोमाइलाइटिस यानी हड्डी के जानलेवा संक्रमण का खतरा था, जिससे हाथ हमेशा के लिए बेकार हो सकता था। समय पर सर्जरी कर बच्चे के हाथ को बचा लिया गया। हॉस्पिटल के फैसिलिटी डायरेक्टर डॉ नीतेश कुमार ने कहा कि इस प्रकार के गंभीर और आपातकालीन मामलों में समय पर सही निर्णय सबसे महत्वपूर्ण होता है। डॉ अवकाश कुमार और उनकी टीम ने जिस कुशलता, समर्पण और तत्परता से इस केस को हैंडल किया, वह काबिले-तारीफ है। पारस हॉस्पिटल रांची में हम लगातार आधुनिक तकनीक, अनुभवी विशेषज्ञों और बेहतर मरीज देखभाल के माध्यम से जटिल से जटिल सर्जरी को सफल बना रहे हैं। यह सफलता पूरे मेडिकल टीम के समन्वित प्रयास का परिणाम है।
