अंत्योदय लाभुकों को नहीं मिला हक
अजय राज
प्रतापपुर (चतरा): प्रतापपुर प्रखंड में जन वितरण प्रणाली (PDS) की लापरवाही और बदइंतजामी का गंभीर मामला सामने आया है। यहां अंत्योदय कार्डधारियों के लिए आवंटित सैकड़ों क्विंटल चीनी गोदामों में पड़े-पड़े खराब हो गई है। इस घटना ने सरकारी व्यवस्था की कार्यशैली पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
मालूम हो कि झारखंड सरकार द्वारा अंत्योदय कार्डधारियों को रियायती दर पर प्रतिमाह एक किलो चीनी उपलब्ध कराने का प्रावधान है। लेकिन प्रतापपुर प्रखंड में लंबे समय से इस योजना का लाभ जरूरतमंदों तक नहीं पहुंच पाया। परिणामस्वरूप लाभुकों के लिए आवंटित चीनी गोदामों में ही पड़ी रह गई और समय के साथ खराब हो गई। जानकारी के अनुसार यह चीनी पुराना स्टॉक है, क्योंकि पिछले करीब 8–9 महीनों से चीनी का नया आवंटन भी नहीं आया है। इसके बावजूद यह सवाल उठ रहा है कि जब गोदामों में चीनी उपलब्ध थी तो उसे अंत्योदय कार्डधारियों के बीच वितरित क्यों नहीं किया गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह सीधी-सीधी प्रशासनिक लापरवाही है। गरीबों के लिए आवंटित खाद्य सामग्री का इस तरह गोदामों में सड़ जाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। लोगों का आरोप है कि अगर समय रहते वितरण किया गया होता तो सैकड़ों क्विंटल चीनी खराब नहीं होती और गरीब परिवारों को इसका लाभ मिल जाता।
इस पूरे मामले में लाखों रुपये की सरकारी संपत्ति के नुकसान की भी बात सामने आ रही है। लोगों ने मांग की है कि इस मामले में उच्च अधिकारी संज्ञान लें, पूरे प्रकरण की जांच कराई जाए और लापरवाही बरतने वाले जिम्मेदार अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। अब देखना यह है कि प्रशासन इस गंभीर मामले पर क्या कदम उठाता है और अंत्योदय योजना के लाभुकों को उनका हक कब तक मिल पाता है।
