Ashutosh Jha
काठमांडू : काठमांडू स्थित भारत के राजदूतावास ने नेपाल पर्यटन बोर्ड और पोखरा पर्यटन परिषद के सहयोग से 18 दिसंबर 2025 को पोखरा में द्वितीय भारत–नेपाल पर्यटन सम्मेलन का संयुक्त रूप से आयोजन किया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य उत्तर प्रदेश और नेपाल के बीच पर्यटन को बढ़ावा देना, विशेष रूप से गंडकी प्रदेश के संदर्भ में, रहा। यह आयोजन अंतरराष्ट्रीय सहकारिता वर्ष के उपलक्ष्य में भी आयोजित किया गया। गंडकी प्रदेश के मुख्यमंत्री सुरेंद्र राज पांडेय ने मुख्य अतिथि के रूप में कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। अपने संबोधन में उन्होंने गंडकी प्रदेश, विशेषकर पोखरा और मुक्तिनाथ, में भारत के साथ बढ़ते पर्यटन सहयोग का स्वागत किया। अपने वक्तव्य में डॉ. राकेश पांडेय, उप प्रमुख (डिप्टी चीफ ऑफ मिशन), भारतीय राजदूतावास, काठमांडू ने कहा कि बेहतर होती कनेक्टिविटी से सीमा-पार पर्यटन को नई गति मिल रही है। उन्होंने भारत–नेपाल पर्यटन की अपार संभावनाओं का पूर्ण दोहन करने के लिए दोनों पक्षों के संयुक्त प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया, विशेष रूप से नेपाल और भारत के पड़ोसी राज्यों में स्थित धार्मिक एवं सांस्कृतिक पर्यटन सर्किटों के प्रचार के माध्यम से।
दिनेश कुमार, संयुक्त निदेशक, उत्तर प्रदेश पर्यटन, ने उत्तर प्रदेश के पर्यटन सर्किटों पर एक प्रस्तुति दी, जिसमें आगामी माघ मेला पर विशेष ध्यान दिया गया। उन्होंने पर्यटन नीति के प्रभावी क्रियान्वयन से जुड़े उत्तर प्रदेश के सर्वोत्तम अनुभव और कार्यप्रणालियां भी साझा कीं। अपनी प्रस्तुति के माध्यम से दीपक राज जोशी, मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ), नेपाल पर्यटन बोर्ड, ने नेपाल पर्यटन का समग्र अवलोकन प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि नेपाल आने वाले विदेशी पर्यटकों का सबसे बड़ा स्रोत भारत है तथा भारत–नेपाल पर्यटन को प्रोत्साहित करने के लिए नेपाल पर्यटन बोर्ड द्वारा उठाए गए विभिन्न पहलों को रेखांकित किया। सम्मेलन के दौरान आयोजित बी2बी (व्यवसाय-से-व्यवसाय) बैठक में भारत से लगभग 10 प्रतिनिधि और नेपाल से लगभग 60 प्रतिनिधि शामिल हुए। चर्चाएं मुख्य रूप से स्थल मार्ग के माध्यम से सीमा-पार पर्यटन को बढ़ावा देने पर केंद्रित रहीं। दोनों देशों के टूर ऑपरेटरों ने बौद्ध सर्किट, वन्यजीव तथा साहसिक पर्यटन सहित संभावित सहयोग के विभिन्न क्षेत्रों पर विचार-विमर्श किया। कार्यक्रम के अंतर्गत, पोखरा पर्यटन परिषद और नेपाल पर्यटन बोर्ड द्वारा 15 से 17 दिसंबर 2025 के दौरान उत्तर प्रदेश से आए प्रतिनिधिमंडल के लिए एक फैमिलियराइजेशन (परिचयात्मक) भ्रमण भी आयोजित किया गया।
