Eksandeshlive Desk
रांची : पूर्व मुख्य सचिव एल. खियांग्ते को जेपीएससी का नया अध्यक्ष बनाया गया है। राज्य सरकार ने एल. खियांग्ते के नाम का प्रस्ताव भेजा था, जिस पर तत्काल निर्णय लेते हुए राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने गुरुवार को इस पर मुहर लगा दी है। राज्यपाल ने इस नियुक्ति के साथ आशा व्यक्त की कि इससे राज्य में नियुक्ति प्रक्रिया तेज होगी और आयोग द्वारा सभी परीक्षाओं का संचालन निर्धारित कैलेंडर के अनुसार समयबद्ध और सुचारू रूप से होगा। इसके अलावा, उन्होंने उम्मीद जताई कि आयोग की कार्यप्रणाली में गति और पारदर्शिता आयेगी।
लंबे समय से खाली था पद : उल्लेखनीय है कि जेपीएससी अध्यक्ष का पद छह माह से खाली था। 22 अगस्त 2024 को डॉ. मेरी नीलिमा केरकेट्टा के रिटायर होने के बाद जेपीएससी अध्यक्ष की नियुक्ति नहीं हुई थी। इस प्रकार करीब 6 महीने से झारखंड लोक सेवा आयोग में न तो कोई अध्यक्ष मनोनीत किया गया और ना ही किसी सदस्य को कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया। इधर आयोग में अध्यक्ष के नहीं रहने से जेपीएससी सिविल सेवा परीक्षा सहित आधा दर्जन से अधिक परीक्षा लटकी हुई हैं। जाहिर तौर पर नये अध्यक्ष के आ जाने के बाद लंबित परीक्षाओं के रिजल्ट प्रकाशन में तेजी आयेगी, जिससे हजारों युवाओं को नौकरी पाने का अवसर मिलेगा।
नियुक्ति को लेकर आंदोलनरत थे छात्र : सबसे ज्यादा जिस परीक्षा को लेकर छात्र आंदोलनरत थे वो थी 11 से 13वीं सिविल सेवा की मुख्य परीक्षा, जो पिछले साल 22 से 24 जून तक हुआ था। 342 पदों पर इस परीक्षा के माध्यम से नियुक्ति होनी है इसके लिए जेपीएससी ने पीटी का रिजल्ट 22 अप्रैल 2024 को जारी किया था। इसमें 7011 अभ्यर्थी सफल हुए। आयोग ने मुख्य परीक्षा का परिणाम जारी करने की घोषणा भी कर दी थी मगर आयोग के अध्यक्ष का कार्यकाल समाप्त होने के बाद इस पर ग्रहण लग गया। ऐसे में रिजल्ट की आस लगाए हजारों छात्र जेपीएससी चेयरमैन की नियुक्ति को लेकर लगातार आंदोलन पर उतारू थे।
