अजय राज
प्रतापपुर (चतरा): एक ओर जहां सरकार “स्वच्छता ही संस्कार” का संदेश देते हुए स्वच्छ भारत मिशन सहित कई कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक कर रही है, वहीं दूसरी ओर प्रतापपुर प्रखंड कार्यालय परिसर की स्थिति इन दावों की पोल खोलती नजर आ रही है। ब्लॉक कार्यालय परिसर में फैली गंदगी और लापरवाही की तस्वीरें व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रही हैं।
प्रखंड कार्यालय परिसर के अंदर जगह-जगह कूड़े का अंबार लगा हुआ है। लंबे समय से साफ-सफाई नहीं होने के कारण परिसर में कचरा जमा होता जा रहा है, जिससे आसपास बदबू और अस्वच्छ माहौल बना हुआ है। हैरानी की बात यह है कि कूड़े के बीच सैकड़ों की संख्या में बीयर और शराब की खाली बोतलें पड़ी हुई मिली हैं।
ब्लॉक कार्यालय जैसे सरकारी परिसर में इस तरह शराब की बोतलों का मिलना कई गंभीर सवाल खड़े करता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि सरकारी दफ्तर के अंदर ही ऐसी स्थिति है तो आम जनता को स्वच्छता का संदेश कैसे दिया जाएगा। लोगों ने आशंका जताई कि कहीं यह परिसर शराबखोरी का अड्डा तो नहीं बनता जा रहा है, या फिर इसे कूड़ा- कबाड़ का डंपिंग स्थल बना दिया गया है।
स्थानीय नागरिकों ने उच्चाधिकारियों से इस मामले की जांच कराने की मांग की है कि आखिर ब्लॉक परिसर में इतनी मात्रा में शराब व बीयर की बोतले कहां से आई तथा सफाई कर्मी होने के बावजूद ब्लॉक परिसर में नियमित रूप से साफ-सफाई क्यों नहीं की जा रही है।लोगों का कहना है कि सरकारी कार्यालय परिसर में इस तरह की लापरवाही न केवल स्वच्छता अभियान का मजाक उड़ाती है, बल्कि प्रशासनिक व्यवस्था की गंभीर उदासीनता को भी उजागर करती है।
