अजय राज
प्रतापपुर(चतरा): प्रतापपुर प्रखंड में मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना हर बार की तरह इस बार भी भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ने की ओर अग्रसर है। ऐसा नहीं है कि यह स्थिति सिर्फ एक दो पंचायतों की है बल्कि प्रखंड के कई पंचायतों में योजना का लाभ आज तक योग्य लाभुकों को मिला हीं नहीं है।अगर सरकार के द्वारा पिछले तीन साल का पशुधन योजना का जांच कर लिया जाय तो प्रतापपुर प्रखंड में मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना की सारी सच्चाई सामने आ जाएगी कि कैसे संबंधित विभाग के पदाधिकारी कर्मी से लेकर वेंडर , प्रतिनिधि तथा बिचौलिया के गठजोर से इस योजना को सिर्फ और सिर्फ कागजों पर दिखा कर फर्जी तरीके से करोड़ो रुपए का बंदरबांट किया गया है। पशुधन योजना से लिए गए न कहीं गाय मिलेगा न सुकर और न बकरी। यही स्थिति गाय ,बकरी और सुकर शेड की भी है सारी योजना सिर्फ और सिर्फ कागजों पर उतार कर पैसों की निकासी का ली गई है। ग्रामीणों का कहना है कि फर्जी ग्रामसभा आयोजित दिखाकर पात्र लाभुकों को दरकिनार कर अपात्र और चहेते लोगों के नाम जोड़े जा रहे हैं और फिर सब्सिडी का पैसा की निकासी कर ली जाती है लाभुक को दो चार हजार रुपया पकड़ा दिया जाता है।उपमुखिया ने मुखिया पर फर्जी ग्राम सभा का लगाया आरोप
टंडवा पंचायत के मुखिया किशोर यादव पर मुख्यमंत्री पशुधन योजना के लिए बिना किसी सूचना तथा कार्यकारणी की बैठक किए बिना फर्जी तरीके से ग्राम सभा कर अपने चहेतों को योजना का लाभ देने का काम किया जा रहा है। पंचायत के उपमुखिया सरिता देवी ने उपायुक्त चतरा को लिखित आवेदन देकर टंडवा पंचायत के मुखिया पर आरोप लगाया है कि मुखिया के द्वारा न तो किसी वार्ड सदस्य, पंचायत समिति या उप मुखिया या ग्रामीणों को सूचना दिए बिना गुपचुप तरीके से ग्राम सभा कर पशुधन योजना में नाम चढ़ा दिया गया है तथा “लोक सेतु पोर्टल” पर उसे अपलोड करने की साजिश की जा रही है। मालूम हो कि जिला पशुपालन पदाधिकारी के निर्देश पर प्रखंड कार्यालय के द्वारा वित्तीय वर्ष 2025-26 हेतु मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना के अंतर्गत ग्राम सभा करने को लेकर तिथि निर्धारित किया गया था । जिसके प्रखंड के सभी 18 पंचायतों में 13 तथा 15 सितंबर 2025 को ग्राम सभा कर पशुधन योजना के लाभुकों का चयन किया जाना था। परंतु टंडवा, सीजुआ, सिदकी, एघारा, जोगियारा सहित लगभग सभी पंचायतों में बिना प्रचार प्रसार के एवं बिना पंचायत प्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों को सूचना दिए बिना फर्जी तरीके से ग्राम सभा कर लाभुकों का चयन कर दिया गया है जिसको लेकर ग्रामीणों में खासी नाराजगी है।ग्रामीण राजू कुमार यादव का कहना है कि सरकार के निर्देशानुसार योजना का लाभ गरीब, आपदा प्रभावित, विधवा, असहाय, किसान, पशुपालकों आदि को देना है सरकार का साफ दिशा निर्देश है कि पूर्व व वर्तमान पंचायत प्रतिनिधि व उनके सगे संबंधी किसी भी सरकारी योजना का लाभ नहीं ले सकते हैं जबकि सरकार का गाइडलाइन को धत्ता बताते हुए प्रखंड के कई पंचायतों में प्रतिनिधियों ने अपने सगे संबंधियों को पशुधन का लाभ दिया जा रहा है।वहीं कई ग्रामीण महिलायों का कहना है कि ह्लहम गरीब लोग इंतजार करते रह गए, ग्रामसभा की सूचना तक नहीं मिली। बाद में पता चला कि कागजों पर बैठक दिखाकर अपने लोगों का नाम जोड़ दिया गया है।ह्व मुखिया, पंचायत सचिव या रोजगार सेवक किसी के द्वारा भी कोई सूचना प्रसारित नहीं की गई और गुप चुप तरीके से योजना में नाम चढ़ा दिया गया है।एक अन्य ग्रामीण महिला ने कहा कि ह्लयह योजना हमारे जैसे गरीब असहाय परिवारों के लिए बनी है, लेकिन लाभ हमेशा नेताओं और बड़े लोगों के करीबियों को ही मिलता है।ह्व
ग्रामीण विशाल कुमार का कहना है कि: ह्लअगर जांच नहीं हुई तो योजना का असली उद्देश्य खत्म हो जाएगा और गरीबों को कभी लाभ नहीं मिलेगा।ग्रामीणों का कहना है कि यह पहली बार नहीं है। पहले भी इसी तरह की गड़बड़ियां की गई थीं, वेंडर के द्वारा चार पांच सुकर और आठ दस बकरी के भीड़ में लाभुक को खड़ा कर फोटो खिंचवाकर पोर्टल पर अपलोड कर दिया जाता है और मिलने वाली सब्सिडी के रूपए को निकाल लिया जाता है पूरा खेल सुनियोजित तरीके से प्लान किया जाता है। इसको लेकर कई शिकायतों के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और सरकार से उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। उनका कहना है कि अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की मिलीभगत से यह पूरा खेल चल रहा है, जिस पर तुरंत रोक लगाना बेहद जरूरी है वरना इस योजना का मुख्य उद्वेश्य हीं समाप्त हो जाएगा। पूरे मामले पर प्रखंड पशुपालन पदाधिकारी कुमार सौरभ ने कहा कि जो कोई भी लाभुक पशुधन योजना का लाभ लेना चाहते हैं उनके लिए ग्राम सभा की बाध्यता को उपायुक्त महोदय के निर्देश पर फिलहाल स्थगित कर दिया गया है। लाभुक जरूरी कागजात के साथ “लोक सेतु पोर्टल” पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं । जिन्हें भी ऑनलाइन आवेदन करने में परेशानी हो तो वो सीधे मुझे फोन कर या मुझसे मिलकर सारी जानकारी ले सकते हैं उनका ऑनलाइन आवेदन बिना किसी शुल्क के करवा दिया जाएगा। आवेदन करने की अंतिम तिथि 4 अक्टूबर 2025 तक हीं है अतः योजना का लाभ लेने के इच्छुक लाभुक समय रहते ऑनलाइन करवा लें।। लिस्ट में नाम आने के बाद उनका जरूरत पड़ा तो ग्राम सभा करवा लिया जाएगा।
