पश्चिम एशिया सैन्य संघर्ष : अमेरिकी-इजराइली मिसाइल हमले में आईआरजीसी के प्रवक्ता जनरल अली मोहम्मद नैनी की मौत

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Eksandeshlive Desk

तेहरान/वाशिंगटन/तेल अवीव : पश्चिम एशिया में जारी सैन्य संघर्ष के बीच ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) के प्रवक्ता जनरल अली मोहम्मद नैनी की शुक्रवार को अमेरिकी-इजराइली हवाई हमले में मौत हो गई। नैनी को हालिया हमले में निशाना बनाया गया था। उन्होंने शुक्रवार को दम तोड़ दिया। ईरान के सरकारी मीडिया मैहर ने भी उनकी मौत की पुष्टि की है। अल जजीरा और दुनिया के प्रमुख संचार माध्यमों की रिपोर्ट के अनुसार आईआरजीसी के जनसंपर्क विभाग ने कहा कि उसके प्रवक्ता जनरल अली मोहम्मद नैनी एक इजराइली-अमेरिकी मिसाइल हमले में मारे गए हैं। आईआरजीसी ने चेतावनी दी है कि यह युद्ध तब तक जारी रहेगा, जब तक दुश्मन पूरी तरह से थक न जाए। इस बीच और भी खून-खराबा होगा और ईरान-खाड़ी देशों के बीच तनाव बढ़ता जाएगा। ईरानी सरकारी टीवी ने अब से कुछ देर पहले जनरल अली मोहम्मद नैनी की शहादत की घोषणा की है। इसमें इस बात का कोई जिक्र नहीं है कि उनकी मृत्यु किस समय हुई। महत्वपूर्ण यह है कि ताजा हमलों में ईरान के पूर्वी तेहरान, करज, केरमान, बंदर लेंगेह बंदरगाह और काशान को निशाना बनाया गया है। नैनी काशान के रहने वाले थे और वह आईआरजीसी में 68 वर्षीय सेकंड ब्रिगेडियर जनरल थे। उन्हें 2024 में आईआरजीसी के प्रवक्ता के रूप में नियुक्त किया गया था।गुरुवार रात ही राष्ट्रीय टीवी पर उन्होंने बयान दिया था, “हमारे पास युद्ध के दौरान भी मिसाइलें बनाने की क्षमता है।” उधर, लेबनान की नेशनल न्यूज एजेंसी ने बताया कि इजराइली हवाई हमलों में टायर के पास बाफ़्लियेह में एक घर पर सुबह किए गए हमले में दो लोगों की मौत हो गई और एक अन्य घायल हो गया। लड़ाकू विमानों ने बिंत जबील, अल-तयरी और कफर तेबनित पर भी हमले किए। कफर तेबनित पर पिछले एक घंटे के भीतर दो बार हमला किया गया।

जापानी प्रधानमंत्री ने अमेरिकी राष्ट्रपति के आग्रह को टाला : रिपोर्ट्स के मुताबिक, जापानी प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची ने अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के आग्रह को टाल दिया है। ट्रंप ने कहा था कि वाशिंगटन के सहयोगी देशों को स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज में युद्धपोत भेजने चाहिए। जापान की क्योडो न्यूज एजेंसी के मुताबिक, गुरुवार को व्हाइट हाउस में हुई बैठक में उन्होंने ताकाइची के साथ इस विषय पर बात की। ताकाइची ने कहा कि ऐसा फिलहाल संभव नहीं है। जापान की मैरीटाइम सेल्फ-डिफेंस फोर्स दुनिया की सबसे बड़ी नौसेनाओं में से एक है, लेकिन इसके ऑपरेशन का दायरा देश का शांतिवादी संविधान सीमित करता है। ताकाइची ने दूसरे तरीकों से मदद की पेशकश की है। ट्रंप ने पत्रकारों से कहा कि जापान अपनी जिम्मेदारी निभा रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ईरान के प्राकृतिक गैस बुनियादी ढांचे पर हमले न दोहराने की चेतावनी दिए जाने के एक दिन बाद शुक्रवार को इजराइल ने ईरान पर नए सिरे से हमले शुरू कर दिए। 28 फरवरी को इस युद्ध में हजारों लोग मारे जा चुके हैं। यह पड़ोसी देशों में भी फैल गया है। वैश्विक अर्थव्यवस्था पर इसका गहरा प्रभाव पड़ा है। इजराइली रक्षा बलों के एक प्रवक्ता ने माना है कि आईडीएफ ने अभी-अभी तेहरान के केंद्र में स्थित ईरानी आतंकी शासन के बुनियादी ढांचे पर हमलों की एक नई लहर शुरू की है।” उधर, बहरीन, कुवैत और संयुक्त अरब अमीरात ने कहा कि वह शुक्रवार तड़के से मिसाइल हमलों का सामना कर रहे हैं। ये हमले क्षेत्रीय ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर ईरान के लगातार हमलों के बाद हुए हैं। ईरान की सेना ने कहा कि देश के ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर हुए हमलों के कारण युद्ध का एक नया चरण शुरू हो गया है। उसने अमेरिका से जुड़ी ऊर्जा सुविधाओं पर हमला किया है।

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