पश्चिम एशिया युद्ध : अमेरिकी अवाक्स, टैंकर विमान के ठिकानों को ईरान ने बनाया निशाना, गंभीर नुकसान

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Eksandeshlive Desk

तेहरान : पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के बीच ईरानी सेना ने जवाबी कार्रवाई में अहम अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने का दावा किया है। ईरानी सेना के अनुसार ड्रोन हमलों में अवाक्स और ईंधन भरने वाले विमानों के ठिकानों के साथ-साथ रडार और इलेक्ट्रॉनिक युद्ध केंद्रों को टारगेट किया गया। ईरान की संवाद समिति तसनीम न्यूज एजेंसी ने ईरानी सेना के हवाले से बताया कि बुधवार को उसने बेन गुरियन हवाई अड्डे पर तैनात अमेरिकी अवाक्स और टैंकर विमानों के ठिकानों पर मिसाइलों, लड़ाकू ड्रोन्स का पता लगाने एवं उन्हें ट्रैक करने वाली रडार साइट पर हमले किए। इसके साथ ही संयुक्त अरब अमीरात में तैनात लड़ाकू ड्रोन्स का मुकाबला करने वाली इलेक्ट्रॉनिक युद्ध साइटों पर भी ड्रोन से निशाना बनाया। सेना ने कहा कि ये हमले इजराइल और अमेरिका द्वारा ईरान के खिलाफ किए गए बर्बर हवाई हमलों के जवाब में किए गए हैं, विशेष रूप से आवासीय और गैर-सैन्य क्षेत्रों को निशाना बनाने के जवाब में। ईरान की सेना ने कहा कि उसने पहले भी इस क्षेत्र के देशों में अमेरिकी सैन्य अड्डों और कब्जे वाले क्षेत्रों में सैन्य इलाकों को ड्रोन हमलों से निशाना बनाया था। प्राप्त जानकारी और उपग्रह चित्रों की निगरानी के अनुसार इन हमलों से इन केंद्रों को गंभीर नुकसान पहुंचा है और सैन्य विमानों के लड़ाकू अभियानों और लड़ाकू सहायता में, साथ ही मिसाइलों और लड़ाकू ड्रोन्स की ट्रैकिंग में गंभीर बाधा उत्पन्न हुई है। हमलों की सबसे हालिया लहर में 2,000 किलोमीटर की परिचालन सीमा वाले शक्तिशाली ‘अराश-2’ ड्रोन्स का इस्तेमाल किया गया।

अपने दुश्मनों के खिलाफ जवाबी हमले चरणबद्ध तरीके से बढ़ाएगा ईरान

पश्चिम एशिया में पिछले 34 दिनों से जारी युद्ध के बीच ईरान ने संकेत दिया है कि वह अमेरिका और इजराइल के खिलाफ अपने जवाबी मिसाइल हमलों को चरणबद्ध तरीके से तेज करेगा। एक वरिष्ठ सुरक्षा-राजनीतिक अधिकारी के अनुसार यह रणनीति केवल सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि पूरे क्षेत्र में दुश्मनों के हितों पर व्यापक दबाव बनाने के उद्देश्य से अपनाई जा रही है। इस बयान ने पश्चिम एशिया में बढ़ते टकराव और संभावित बड़े संघर्ष की आशंकाओं को और गहरा कर दिया है। इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान ब्रॉडकास्टिंग (आईआरआईबी) के स्वामित्व वाली ईरान के सरकारी समाचार संगठन प्रेसईडी टीवी ने लेबनान के अल-मयादीन टेलीविजन नेटवर्क के हवाले से बताया कि ईरान के सुरक्षा-राजनीतिक अधिकारी ने चेतावनी दी है कि अमेरिका और इजराइल की चल रही आक्रामक युद्ध की कार्रवाई के जवाब में उनके ठिकानों पर अपने मिसाइल हमलों को धीरे-धीरे बढ़ाएगा। अधिकारी ने कहा कि ईरान के जवाबी हमलों में यह बढ़ोतरी एक “चरणबद्ध रणनीति” के तहत की जा रही है। उन्होंने कहा कि ईरान की ओर से मिसाइल दागने की प्रक्रिया धीरे-धीरे बढ़ेगी और इसके साथ ही पूरे क्षेत्र में दुश्मनों के हितों के खिलाफ अभियानों का और विस्तार किया जाएगा और उन्हें दोगुना किया जाएगा। अधिकारी ने इस बात पर भी जोर दिया कि ईरान दुश्मनों के रडार और हवाई रक्षा बुनियादी ढांचे को नष्ट करने का कोई भी मौका नहीं छोड़ेगा। उन्होंने कहा कि दुश्मनों की सैन्य सुविधाओं के खिलाफ ईरान के अभियान “तब तक बिना किसी रुकावट के जारी रहेंगे, जब तक कि प्रतिरोधक क्षमता हासिल नहीं हो जाती।” पिछले साल जून 2025 में 12-दिनों के युद्ध काे लेकर अमेरिका और इजराइल की अवैध आक्रामकता का ज़िक्र करते हुए कहा कि ईरान के पास बहुत ही उन्नत और शक्तिशाली हथियारों का ज़खीरा है, जो दुश्मनों को चौंका सकता है। इस बीच अधिकारी ने इस बात पर जोर दिया कि ईरान के बुनियादी ढांचे के खिलाफ की गई किसी भी कार्रवाई का कड़ा और अप्रत्याशित जवाब दिया जाएगा, जिससे दुश्मनों को भारी नुकसान पहुंचेगा। उन्होंने कहा कि ईरान इस युद्ध को लंबे समय तक जारी रखने में पूरी तरह सक्षम है। अमेरिका और इजराइल ने 28 फरवरी को ईरान पर हमला किया था। इस हमले में ईरान के सर्वाेच्च नेता अयातुल्ला सैयद अली खामेनेई और कई सैन्य कमांडरों की माैत हाे गई थी। इसके जवाब में ईरान ने पश्चिम एशिया में माैजूद अमेरिका और इजरायल के सैन्य ठिकानों को निशाना बना रहा है।

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