पुलिस के जागरुकता अभियान का दिख रहा असर, ग्रामीण स्वयं नष्ट कर रहे हैं अफीम की अवैध फसल

Crime

Eksandeshlive Desk

खूंटी : खूंटी जिले में अफीम की अवैध खेती और इसके दुष्परिणामों के खिलाफ जिला पुलिस की ओर से चलाये जा रहे अभियान का असर अब गांवों में देखने को मिल रहा है। गांव के लोग अब खुद कही अफीम की खेती को नष्ट करने लगे हैं। इसी कड़ी में शुक्रवार को मुरहू थाना क्षेत्र के चमराटोली गांव के लगभग आठ एकड़ खेत में लगी अफीम की अवैध खेती को ट्रैक्टर से रौंदकर नष्ट कर दिया। जिला पुलिस के सहयोग से मुरहू पंचायत की मुखिया ज्योति डोडराय ग्राम प्रधान बाले पाहन और बबलू खान ने लोगों को अफीम की न करने और जो अवैध खेती है,उसे नष्ट करने के लिए प्रेरित किया।

चमराटोली में शुक्रवार को ग्रामसभा का आयोजन किया गया, जहां खूंटी के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी वरूण रजक, अंचलाधिकारी शंकर कुमार विद्यार्थी और थाना प्रभारी रामदेव यादव को भी बुलाया गया। बैठक में मुखिया ज्योति डोडाराय ने कहा कि जिला प्रशासन और पुलिस के जरिये अफीम के खिलाफ लगातार चलाये जा रहे अभियान से प्रभावित होकर उन्होंने अफीम की फसलों को नष्ट करने का निर्णय लिया।

ग्रामीणों को संबोधित करते हुए एसडीपीओ वरूण रजक ने कहा कि अफीम के कारण खूंटी जिला बदनाम हो रहा है। उन्होंने कहा कि अफीम की खेती की शुरुआत हुई, तो लोग इसे काफी फायदेमंद समझने लगे और धीरे-धीरे गांव वाले इस अवैध खेती से जुड़ने लगे। उन्होंने कहा कि जब केस होता हे और जेल जाना पड़ता है, तो कोर्ट-कचहरी के चक्कर में अफीम की कमाई से अधिक पैसा खर्च हो जाता है। एसडीपीओ ने कहा कि अफीम की खेती से न सिर्फ जल, जंगल और जमीन बर्बाद हो रहे हैं, बल्कि मानव जीवन और भावी पीढ़ी का भी इससे नुकसान हो रहा है।

उन्होंने कहा कि गर्भवती महिलाओं पर इसका सबसे अधिक दुष्प्रभाव देखा जा रहा है। उन्होंने कहा कि बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए आप सभी अफीम की खेती को छोड़ें। सीओ शंकर कुमार विद्यार्थी ने कहा कि अब सेटेलाइट के माध्यम से अफीम की अवैध खेती पर नजर रखी जाएगी। उन्होंने कहा कि अब तक खूंटी जिले में अफीम को लेकर सार सौ से अधिक मामले दर्ज हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि जो लोग स्वयं अफीम की खेती को नष्ट कर रहे हैं,उनके खिलाफ कोई करवाई नहीं की जाएगी।

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