News by Raju
पुटकी। पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत पर्यावरण बचाओ संघर्ष समिति के बैनर तले भागाबांध, कच्छी बलिहारी, साउथ बलिहारी, बीच बलिहारी, बरारी, कोक, कुस्तौर, केंदुआ, करकेन्द, पुटकी, अरलगड़िया, शहरपुरा सहित आसपास के क्षेत्रों से हजारों महिला-पुरुष ग्रामीण प्रदूषण और धूलकण के विरोध में कच्छी बलिहारी से पैदल मार्च करते हुए नेहरू पार्क, करकेन्द पहुँचे, जहाँ यह मार्च एक विशाल सभा में तब्दील हो गया। एक दिवसीय धरना की अध्यक्षता रामचन्द्र रवानी ने की, जबकि संचालन प्रीतम महतो ने किया। धरना को समर्थन देने के लिए धनबाद के निवर्तमान मेयर चन्द्रशेखर अग्रवाल और डुमरी विधायक जयराम महतो भी पहुँचे। सभा को संबोधित करते हुए चन्द्रशेखर अग्रवाल ने कहा कि इउउछ आउटसोर्सिंग कंपनियों के माध्यम से नियम-कानून को ताक पर रखकर कोयला उत्खनन कर रही है, जो पूरी तरह गलत है। वहीं जयराम महतो ने आरोप लगाया कि इउउछ जानबूझकर झारखंड के रैयतों को परेशान कर रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन और प्रबंधन नहीं चेता तो इउउछ के महाप्रबंधक कार्यालय में धूल से भरी टोकरी फेंकी जाएगी और आगे चलकर कोयला भवन का घेराव किया जाएगा। धरना के दौरान गोपालीचक परियोजना पदाधिकारी लखन लाल वर्णवाल वार्ता के लिए पहुँचे, लेकिन ग्रामीणों ने स्पष्ट कहा कि दो माह पूर्व ही प्रदूषण के निवारण हेतु आवेदन दिया गया था, जिस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों की मांग पर बाद में पीवी एरिया के महाप्रबंधक जी के. मेहता धरनास्थल पहुँचे और वार्ता हुई, हालांकि उन्हें विरोध का सामना करना पड़ा। इस बीच धनबाद विधायक राज सिन्हा के पहुँचने पर ग्रामीणों ने सवाल उठाया कि विधानसभा में प्रदूषण का मुद्दा क्यों नहीं उठाया जाता। अंततः त्रिपक्षीय वार्ता के बाद ग्रामीणों ने इउउछ प्रबंधन को 36 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए कहा कि यदि इस अवधि में धूलकण व प्रदूषण पर नियंत्रण नहीं हुआ तो आउटसोर्सिंग कंपनी का चक्का जाम किया जाएगा।
