Eksandeshlive Desk
नई दिल्ली : लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने संसद भवन परिसर स्थित कार्यालय में देशभर के किसान संगठनों के नेताओं से शुक्रवार को मुलाकात की। उन्होंने बैठक में किसानों से भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर मक्का, सोयाबीन, कपास, फल और मेवा जैसी फसलों पर किसानों के पक्ष को सुना। राहुल गांधी ने कहा कि इस व्यापार समझौते से कृषि आयात के दरवाजे खुल गए हैं और जल्द ही अन्य फसलें भी इसके दायरे में आ सकती हैं। उन्होंने किसानों और खेत मजदूरों की आजीविका बचाने के लिए बड़े पैमाने पर राष्ट्रीय आंदोलन की आवश्यकता पर जोर दिया। बैठक में शामिल किसान नेताओं में ऑल इंडिया किसान कांग्रेस के सुखपाल एस. खैरा, जीकेएस राजस्थान के रंजीत एस संधू, भारतीय किसान मजदूर यूनियन हरियाणा के एडवोकेट अशोक बल्हारा, केएमएम केरल के पीटी जॉन, बीकेयू क्रांतिकारी के बलदेव एस जीरा, प्रोग्रेसिव फार्मर्स फ्रंट के आर नंदकुमार, बीकेयू शहीद भगत सिंह के अमरजीत एस मोहरी, ऑल इंडिया किसान कांग्रेस के अखिलेश शुक्ला, आम किसान यूनियन के केदार सिरोही, किसान कांग्रेस पंजाब के किरनजीत एस. संधू, गुरप्रीत एस संगा (राज्यसभा), किसान मजदूर मोर्चा-इंडिया के गुरमनीत एस. मंगट, जम्मू-कश्मीर ज़मींदारा फोरम के हमीद मलिक, केएमएम के तेजवीर सिंह, हरियाणा किसान संघर्ष समिति के धरमवीर गोयत, कृषक समाज के ईश्वर सिंह नैन और दक्षिण हरियाणा किसान यूनियन के सतबीर खटाना शामिल रहे।
रिजिजू बोले-सरकार राहुल के खिलाफ प्रस्ताव नहीं लाएगी
केंद्र सरकार संसद के बजट सत्र के दौरान असंसदीय भाषा के इस्तेमाल के लिए लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव नहीं लाने जा रही है। इस संबंध में एक सदस्य पहले ही नोटिस दे चुके हैं। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने शुक्रवार को मीडिया को बताया कि सरकार ने पहले राहुल गांधी के खिलाफ प्रस्ताव लाने का फैसला किया था, लेकिन अब सरकार प्रस्ताव नहीं लाने जा रही है। इसके पीछे कारण है कि भाजपा सांसद निशिकांत दुबे पहले ही इस मामले में एक ‘सब्सटैंटिव प्रस्ताव’ पेश कर चुके हैं। इसमें उनकी लोकसभा सदस्यता रद्द करने और उन्हें आजीवन चुनाव लड़ने से रोकने की मांग की गई है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने नियमों का उल्लंघन किया और एक अप्रकाशित किताब का गैर-कानूनी तरीके से उल्लेख किया। उन्होंने अपने बजट भाषण में भी कई आपत्तिजनक बातें कहीं, जैसे ‘देश बेच दिया’ कहना और प्रधानमंत्री के लिए अनुचित शब्दों का प्रयोग करना है। ऐसे कई मुद्दे हैं जिन पर हम उन्हें नोटिस देना चाहते थे। रिजिजू ने कहा कि ‘सब्सटेंटिव मोशन’ स्वीकृत होने के बाद अध्यक्ष से चर्चा कर यह तय किया जाएगा कि इसे विशेषाधिकार समिति या आचार समिति को भेजा जाए या सीधे सदन में चर्चा के लिए लाया जाए। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव स्वीकृत होने के बाद लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से चर्चा कर यह तय किया जाएगा कि इसे विशेषाधिकार समिति या आचार समिति को भेजा जाए या सीधे सदन में चर्चा के लिए लाया जाए।
