राज्यसभा चुनाव 2026 : अभिषेक मनु सिंघवी और नरेंद्र रेड्डी ने तेलंगाना से राज्यसभा के लिए दाखिल किया नामांकन

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Eksandeshlive Desk

हैदराबाद : अभिषेक मनु सिंघवी और वेम नरेंद्र रेड्डी ने गुरुवार को तेलंगाना से कांग्रेस के राज्यसभा उम्मीदवार के तौर पर अपने-अपने नामांकन पत्र विधानसभा में रिटर्निंग ऑफिसर उपेंद्र रेड्डी को सौंपे। राज्यसभा के लिए 16 मार्च को होने वाले चुनावों के लिए अभिषेक सिंघवी और रेड्डी ने तेलंगाना विधानसभा में विधायी कार्य मंत्री डी. श्रीधर बाबू के नेतृत्व में यह प्रक्रिया संपन्न की। कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व ने तेलंगाना से सिंघवी को दूसरे कार्यकाल के लिए उम्मीदवार बनाया है, जबकि नरेंद्र रेड्डी पहली बार संसद के उच्च सदन के लिए चुनाव लड़ेंगे। नरेंद्र रेड्डी तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी के करीबी सहयोगी और सलाहकार हैं। नामांकन पत्र दाखिल करने के पश्चात विधानसभा परिसर में मीडिया से बात करते हुए वेम नरेंद्र रेड्डी ने हाईकमान का शुक्रिया अदा किया। उन्होंने कहा कि पार्टी के आशीर्वाद से उन्हें राज्यसभा का अवसर मिला। अभिषेक सिंघवी ने हाईकमान को दूसरा मौका देने के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि वह तेलंगाना समाज और तेलंगाना के लोगों के कर्जदार हैं। उन्होंने कहा कि वह तेलंगाना के विकास के लिए काम करेंगे। तेलंगाना विधानसभा में कांग्रेस के पास दोनों सीटें जीतने के लिए पर्याप्त बहुमत है। भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) ने चुनाव लड़ने का ऐलान किया है, इसलिए सिंघवी और नरेंद्र रेड्डी के सर्वसम्मति से निर्वाचित होने की संभावना है।

हिमाचल : कांग्रेस उम्मीदवार अनुराग शर्मा का निर्विरोध चुना जाना तय, भाजपा ने नहीं उतारा उम्मीदवार

शिमला : हिमाचल प्रदेश में राज्यसभा चुनाव इस बार एकतरफा रहेगा। कांग्रेस उम्मीदवार अनुराग शर्मा ने गुरुवार को विधानसभा सचिवालय में अपना नामांकन दाखिल कर दिया। नामांकन के दौरान विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया, मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू, उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री और कई मंत्री व विधायक मौजूद रहे। अनुराग शर्मा के मैदान में अकेले उम्मीदवार होने से उनका निर्विरोध चुना जाना लगभग तय है। भाजपा ने नामांकन के आखिरी दिन इस चुनाव में उम्मीदवार नहीं उतारा है। ऐसे में अब औपचारिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद उनके चुने जाने की घोषणा हो सकती है। 68 सदस्यीय हिमाचल विधानसभा में कांग्रेस के पास 40 विधायक हैं, जबकि भाजपा के 28 सदस्य हैं। संख्या बल के हिसाब से भी कांग्रेस की स्थिति मजबूत है। हालांकि इस बार मुकाबला होने की नौबत ही नहीं आई। यह सीट भाजपा की राज्यसभा सांसद इंदू गोस्वामी का छह साल का कार्यकाल पूरा होने के बाद खाली हुई है। खास बात यह है कि इंदू गोस्वामी भी कांगड़ा जिले से थीं और कांग्रेस उम्मीदवार अनुराग शर्मा भी कांगड़ा से आते हैं। इस तरह लगातार दूसरी बार राज्यसभा में कांगड़ा जिले का प्रतिनिधि जाएगा। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 6 मार्च को नामांकन पत्रों की जांच होगी और 9 मार्च तक नाम वापस लिए जा सकते हैं। 16 मार्च को मतदान की तारीख तय है और उसी दिन परिणाम घोषित होना है। लेकिन मौजूदा स्थिति में मतदान की जरूरत नहीं पड़ेगी। करीब दो साल पहले हुए राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस को करारा झटका लगा था। तब कांग्रेस उम्मीदवार अभिषेक मनु सिंघवी को हार का सामना करना पड़ा था और भाजपा के हर्ष महाजन जीतकर राज्यसभा पहुंचे थे। उस चुनाव में कांग्रेस के कुछ विधायकों ने क्रॉस वोटिंग की थी। इस बार स्थिति अलग है और कांग्रेस के लिए यह चुनाव सहज रहा है। अनुराग शर्मा हाल ही में कांगड़ा जिला कांग्रेस के अध्यक्ष बने थे। उनका राजनीतिक सफर छात्र राजनीति से शुरू हुआ। वे नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया से जुड़े रहे हैं। संगठन में सक्रिय और जमीनी स्तर पर काम करने वाले नेता के रूप में उनकी पहचान है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि कांग्रेस ने कांगड़ा को प्रतिनिधित्व देने और सामाजिक संतुलन साधने के लिहाज से भी यह फैसला किया है। अनुराग शर्मा ब्राह्मण समुदाय से आते हैं और उनकी छवि साफ-सुथरी मानी जाती है।

डीएमके के चार और एआईएडीएम के दाे उम्मीदवारों ने नामांकन पत्र किया दाखिल

चेन्नई : तमिलनाडु से छह राज्यसभा सीटाें के लिए हाे रहे चुनाव में द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) के चार और अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (एआईडीएमके) के दाे उम्मीदवारों ने गुरुवार काे अपना नामांकन पत्र दाखिल कर दिया है। दरअसल, तमिलनाडु सहित पूरे देश में खाली हो रही 37 राज्यसभा सीटों के लिए चुनाव की तारीख घोषित कर दी गई है। राज्यसभा में तमिलनाडु के लिए कुल 18 सीटें हैं। इनमें से रोटेशन प्रणाली के तहत हर ढाई साल में 6 सीटों के लिए चुनाव होता है। इस बार तमिलनाडु से तिरुचि शिवा, एनआर इलंगो, अंथियूर सेल्वराज, एनवीएन कनिमोझी सोमू, एम थंबीदुरई और जीके वासन का कार्यकाल 2 अप्रैल को समाप्त हो रहा है। इन खाली होने वाली सीटों के लिए नामांकन प्रक्रिया 26 फरवरी से शुरू हाे चुकी है। आज नामांकन का अंतिम दिन है। राज्यसभा चुनाव में एक सदस्य के चुनाव के लिए 34 विधायकों के वोट की आवश्यकता होती है। मौजूदा स्थिति में डीएमके को चार और एआईएडीएमके को दाे सीटें मिलने की संभावना है। तमिलनाडु में आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए डीएमके और एआईएडीएम दोनों अपने गठबंधन सहयोगियों के साथ सीट बंटवारे पर चर्चा कर रहे हैं। इस दौरान कुछ सहयोगी दलों ने राज्यसभा सीट की भी मांग की थी, जिसके कारण उम्मीदवारों की घोषणा में कुछ कठिनाई आई। गुरुवार को नामांकन का अंतिम दिन होने के कारण दोनों दलों ने अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर दी और सीटों का बंटवारा भी तय कर लिया। डीएमके को मिली चार सीटों में से एक सीट पार्टी के उपमहासचिव तिरुचि शिवा को दी गई है। वहीं डीएमके के प्रवक्ता कॉनस्टैन्टाइन रविंद्रन को भी इस बार उम्मीदवार बनाया गया है। बाकी दो सीटों में से एक देसिया मुरपोक्कु द्रविड़ कड़गम और एक भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस को दी गई है। डीएमके के तिरुचि शिवा और कॉनस्टैन्टाइन रविंद्रन ने आज नामांकन दाखिल किया है। इसके अलावा भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के क्रिस्टोफर तिलक और देसिया मुरपोक्कु द्रविड़ कड़गम के एलके सुधीश ने भी मुख्यमंत्री एमके स्टालिन की मौजूदगी में नामांकन पत्र दाखिल किया। एआईएडीएमके ने दो सीटों में से एक पर पार्टी के प्रचार सचिव एम. थंबीदुरई को मौका दिया गया है, जबकि दूसरी सीट पट्टाली मक्कल काची के नेता अनबुमणि रामदास को दी गई है। दोनों ने आज सचिवालय में चुनाव अधिकारी के समक्ष अपना नामांकन दाखिल किया। नामांकन पत्राें की जांच 6 मार्च को होगी और 9 मार्च तक नाम वापस लेने की अंतिम तिथि है। यदि चुनाव की आवश्यकता पड़ी तो 16 मार्च को मतदान होगा। हालांकि मैदान में केवल 6 उम्मीदवार होने के कारण सभी के निर्विरोध राज्यसभा सदस्य निर्वाचित हाेने की संभावना है।

तृणमूल नेताओं ने दाखिल किया नामांकन, भाजपा के राहुल सिन्हा ने भी भरा पर्चा

कोलकाता : राज्यसभा चुनाव 2026 के लिए तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवारों ने गुरुवार को आधिकारिक रूप से अपने नामांकन पत्र दाखिल कर दिए। पार्टी की ओर से अभिनेत्री कोएल मलिक, वरिष्ठ अधिवक्ता मेनका गुरुस्वामी, पूर्व पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार और मंत्री बाबुल सुप्रियो को उम्मीदवार बनाया गया है। नामांकन के साथ ही राज्य की राजनीति में उच्च सदन को लेकर सरगर्मी तेज हो गई है। तृणमूल कांग्रेस की ओर से घोषित उम्मीदवारों में बाबुल सुप्रियो पूर्व केंद्रीय मंत्री रह चुके हैं और वर्तमान में पश्चिम बंगाल सरकार में सूचना प्रौद्योगिकी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग के कैबिनेट मंत्री हैं। राजीव कुमार राज्य के पूर्व पुलिस महानिदेशक रहे हैं। मेनका गुरुस्वामी संवैधानिक मामलों की विशेषज्ञ वरिष्ठ अधिवक्ता के रूप में जानी जाती हैं, जबकि कोएल मलिक बंगाली फिल्म उद्योग की प्रमुख अभिनेत्री हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इन नामों के जरिए तृणमूल ने राजनीतिक, प्रशासनिक, विधिक और सांस्कृतिक क्षेत्रों का संतुलन साधने की रणनीति अपनाई है। इसी दौरान भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार राहुल सिन्हा भी पश्चिम बंगाल विधानसभा पहुंचे और अपना नामांकन पत्र दाखिल किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि उनकी उम्मीदवारी यह संदेश देती है कि पार्टी अपने समर्पित कार्यकर्ताओं को उचित समय पर सम्मान देती है। उन्होंने बंगाल के कल्याण और विकास के लिए सामूहिक प्रयास की बात दोहराई। उल्लेखनीय है कि 10 राज्यों की 37 राज्यसभा सीटों पर द्विवार्षिक चुनाव के तहत मतदान 16 मार्च को होगा और मतगणना भी उसी दिन की जाएगी। परिणाम शाम 5 बजे घोषित किए जाने की संभावना है। महाराष्ट्र, ओडिशा, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, असम, बिहार, छत्तीसगढ़, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और तेलंगाना सहित विभिन्न राज्यों से निर्वाचित 37 सदस्यों का कार्यकाल अप्रैल में समाप्त हो रहा है, जिससे ये सीटें रिक्त होंगी। नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 5 मार्च थी। 6 मार्च को नामांकन पत्रों की जांच होगी और उम्मीदवार 9 मार्च तक अपना नाम वापस ले सकेंगे। निर्धारित समयसीमा के बीच चुनाव आयोग की निगरानी में पूरी प्रक्रिया संपन्न की जाएगी।

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