रांची के बिरसा मुंडा चिड़ियाघर में मांस आपूर्ति ठप, दूसरी बार टेंडर रद्द होने से बढ़ी चिंता

360°

Eksandeshlive Desk

रांची : रांची स्थित बिरसा मुंडा चिड़ियाघर इन दिनों गंभीर प्रशासनिक चुनौती का सामना कर रहा है। यहां मांसाहारी जानवरों के लिए मांस की आपूर्ति पूरी तरह से ठप हो गई है। यह स्थिति मांस आपूर्ति से जुड़े टेंडर को लगातार दूसरी बार रद्द किए जाने के बाद उत्पन्न हुई है, जिससे चिड़ियाघर प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। दरअसल, चिड़ियाघर प्रशासन द्वारा वर्ष 2026-27 के लिए जारी टेंडर में प्रतिदिन 118.75 किलोग्राम बिना हड्डी वाला और 30 किलोग्राम हड्डी सहित मांस की आपूर्ति का प्रावधान रखा गया था। हालांकि, निर्धारित समय सीमा तक केवल दो ही आवेदकों ने इसमें भाग लिया। नियमों के तहत पर्याप्त प्रतिस्पर्धा नहीं होने के कारण टेंडर को रद्द कर दिया गया।

अधिकारियों का कहना है कि पारदर्शिता बनाए रखने और बेहतर प्रतिस्पर्धा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से यह निर्णय लिया गया है, ताकि भविष्य में अधिक योग्य आपूर्तिकर्ता सामने आ सकें। लेकिन लगातार दूसरी बार टेंडर रद्द होने से प्रशासन की तैयारियों और योजना पर सवाल उठने लगे हैं। गौरतलब है कि वर्ष 2025-26 में भी इसी तरह की स्थिति बनी थी, जब टेंडर रद्द होने के बाद पुराने आपूर्तिकर्ता खालिद रजा को आपूर्ति का जिम्मा सौंपा गया था। फिलहाल, वही आपूर्तिकर्ता ‘आजादबस्ती प्रतिबंधित मांस कांड’ में फरार बताया जा रहा है, जिससे मामले की संवेदनशीलता और बढ़ गई है। मांस की आपूर्ति बंद होने से चिड़ियाघर के शेर, बाघ और अन्य मांसाहारी जानवरों के भोजन की व्यवस्था करना प्रबंधन के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि जल्द वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई, तो इसका सीधा असर जानवरों के स्वास्थ्य और देखभाल पर पड़ सकता है।

Spread the love