Eksandeshlive Desk
नई दिल्ली : राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने 16वें राष्ट्रीय मतदाता दिवस (एनवीडी-2026) पर देशभर के मतदाताओं को शुभकामनाएं दीं और विशेष रूप से युवा तथा महिला मतदाताओं को बधाई दी। उन्होंने कहा कि हमारे देश में मतदाताओं की संख्या 95 करोड़ से अधिक है। हमारे लोकतन्त्र की शक्ति केवल संख्या की विशालता में नहीं है बल्कि लोकतान्त्रिक भावना की गहराई में भी है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने रविवार को यहां जोरावर स्टेडियम मानेक शाह सेंटर में आयोजित एनवीडी-2026 में कार्यक्रम में कहा कि मतदाता पहचान पत्र प्राप्त करने वाले सभी युवा मतदाताओं को यह अमूल्य अधिकार विश्व के सबसे बड़े और जीवंत लोकतंत्र में सक्रिय भागीदारी का अवसर देता है। इस कार्यक्रम की थीम ‘मेरा भारत, मेरा वोट’ और टैगलाइन ‘भारतीय लोकतंत्र के केंद्र में नागरिक’ थी। उन्होंने महिला मतदाताओं को भी विशेष बधाई देते हुए कहा कि माताएं, बहनें और बेटियां भारी संख्या में मतदान कर हमारे गणतंत्र को और अधिक शक्तिशाली बना रही हैं। अत्यंत वयोवृद्ध, विकलांग और दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले मतदाता भी अपने मताधिकार का प्रयोग करते हैं। मतदान केवल राजनीतिक अभिव्यक्ति नहीं बल्कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया में आस्था का प्रतीक है।
राष्ट्रपति ने कहा कि बिना किसी भेदभाव के सभी वयस्क नागरिकों को उपलब्ध मतदान का अधिकार हमारे संवैधानिक आदर्शों को ठोस अभिव्यक्ति देता है। राष्ट्रपति ने आशा व्यक्त की कि सभी मतदाता प्रलोभन, अनभिज्ञता और पूर्वाग्रह से दूर रहते हुए निर्वाचन व्यवस्था को सुदृढ़ बनाएंगे। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा कि भारत न केवल लोकतंत्र की जननी है बल्कि विश्व का सबसे बड़ा और पारदर्शी लोकतंत्र भी है। विश्व के 35 प्रमुख लोकतांत्रिक देशों के समूह अंतरराष्ट्रीय लोकतंत्र और निर्वाचन सहायता संस्थ ने भारत को अध्यक्ष के रूप में स्वीकार किया है, जो भारत की भरोसेमंद चुनावी प्रणाली पर वैश्विक विश्वास को दर्शाता है। ज्ञानेश कुमार ने कहा कि हाल ही में नई दिल्ली में लोकतंत्र और चुनावी प्रबंधन का सबसे बड़ा अंतरराष्ट्रीय महासंगम आयोजित किया गया, जिसमें लगभग 70 लोकतांत्रिक देशों ने भाग लिया। इस आयोजन के समापन पर भारत की अगुआई में दिल्ली डिक्लेरेशन 2026 को अपनाया गया। चुनाव आयोग द्वारा स्थापित भारत अंतरराष्ट्रीय लोकतंत्र एवं निर्वाचन प्रबंधन संस्थान (आईआईआईडीईएम) अब विश्व का सबसे बड़ा प्रशिक्षण संस्थान बनकर उभर रहा है। उन्होंने कहा कि शुद्ध मतदाता सूची सशक्त लोकतंत्र की आधारशिला है और हाल ही में हुए भारत निर्वाचन आयोग एकीकृत डिजिटल नेटवर्क ईसीआईएनईटी के वैश्विक लॉन्च ने पूरी दुनिया का ध्यान आकर्षित किया है। अनेक देशों ने इस प्रणाली को अपनाने में गहरी रुचि व्यक्त की है। कार्यक्रम में केंद्रीय विधि एवं न्याय राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अर्जुन राम मेघवाल, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार तथा चुनाव आयुक्त डॉ. सुखबीर सिंह संधू और डॉ. विवेक जोशी भी मौजूद रहे।
