राष्ट्रव्यापी आम हड़ताल : ट्रेड यूनियनों ने सड़क पर उतर कर केंद्र की नीतियों का किया विरोध

360°

Eksandeshlive Desk

रांची/पूर्वी सिंहभूम : राष्ट्रव्यापी आम हड़ताल और चक्का जाम आंदोलन के तहत राजधानी रांची में विपक्षी दलों और ट्रेड यूनियनों का बुधवार को केंद्र सरकार की नीतियों का‍ विरोध किया। हड़ताल को लेकर बुधवार को रांची के अल्बर्ट एक्का चौक पर सुबह से ही मजदूर संगठनों के कार्यकर्ता, कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधि और राजनीतिक दलों के कार्यकर्ता जुटे। इस दौरान भाकपा के नेता अजय कुमार सिंह और झामुमो के रांची जिला संयोजक मुस्ताक अहमद ने केंद्र सरकार की नीतियों की आलोचना की।

केंद्र सरकार पूंजीपतियों के इशारे पर काम कर रही : मौके पर अजय कुमार सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार पूंजीपतियों के इशारे पर काम कर रही है। चार लेबर कोड लागू कर केंद्र सरकार ने करोड़ों मजदूरों की सुरक्षा और अधिकारों को छीन लिया है। आज देश के 40 करोड़ से ज्यादा श्रमिक सड़कों पर हैं, लेकिन सरकार चुप है। यह चुप्पी अब नहीं चलेगी। हम गांव-गांव, गली-गली तक इस आवाज को पहुंचाएंगे और मजदूरों के खिलाफ लाए गए काले कानूनों को वापस लेने के लिए सरकार को विवश करेंगे। वहीं झामुमो नेता मुस्ताक अहमद ने कहा कि केंद्र सरकार की जनविरोधी नीतियों ने मजदूरों, किसान और गरीबों को बर्बादी के कगार पर खड़ा कर दिया है। आउटसोर्सिंग, असमान वेतन, रिटायर कर्मियों को बकाया भुगतान में लापरवाही, इन तमाम मुद्दों को लेकर अब कोई चुप नहीं रहेगा। उन्होंने कहा कि झामुमो इस संघर्ष में मजदूरों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है। मौके पर सभी नेताओं ने एक स्वर में कहा कि जब तक मजदूरों की मांगे पूरी नहीं होतीं, तब तक यह आंदोलन जारी रहेगा। इस मौके पर झामुमो के महासचिव सु‍प्रियो भट्टाचार्य, कांग्रेस के संजीव कुमार, राजद के रंजन यादव, एटक के अशोक यादव, सच्चिदानंद मिश्रा, भाकपा माले के विनोद सिंह, शुभेंदु सेन, सीटू के प्रतीक मिश्रा, माकपा के समीर दास, कर्मचारी महासंघ के सुनील साहू, सुखनाथ लोहारा, छुमु उरांव सहित कई संगठनों के नेता और कार्यकर्ता मौजूद थे।

बंद समर्थकों उतरे सड़क पर, बैंक कर्मचारियों ने की एक दिवसीय हड़ताल : केंद्र सरकार की ओर से लागू चार श्रम संहिताओं के विरोध और उन्हें रद्द करने की मांग को लेकर बुधवार को देशव्यापी आम हड़ताल का असर जमशेदपुर में भी दिखा। इस हड़ताल को 17 संगठनों के संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) और केंद्रीय ट्रेड यूनियनों जैसे सीटू एवं एआईयू का समर्थन प्राप्त था। इसी क्रम में पंजाब नेशनल बैंक की करेंसी चेस्ट शाखा एवं साकची शाखा में सभी कर्मचारियों ने काम बंद कर विरोध जताया। हड़ताल का नेतृत्व शाखा के वरिष्ठ कर्मचारी अशोक कुमार रजक ने किया। इस दौरान शाखा कार्यालय के मुख्य गेट पर तालेबंदी कर सभी कर्मचारी धरना-प्रदर्शन में बैठे। कर्मचारियों का कहना था कि नई श्रम संहिताएं श्रमिक हितों के खिलाफ हैं और उनके अधिकारों का हनन करती हैं। उन्होंने सरकार से इन्हें तत्काल प्रभाव से वापस लेने की मांग की। धरना में कामरेड शिव कुमार सिंह, सूनील तिर्की, संजय प्रमाणिक, राजू भगत, प्रभू वर्मा, मलिन महतो, अजय साहू समेत सभी कर्मचारी शामिल हुए। कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि अगर उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो आगे और बड़ा आंदोलन किया जाएगा। हड़ताल से बैंक की सामान्य बैंकिंग सेवाएं पूरी तरह प्रभावित रहीं, जिससे ग्राहकों को भी असुविधा का सामना करना पड़ा। कर्मचारी नेताओं ने कहा कि यह संघर्ष भविष्य में भी जारी रहेगा। वहीं बंद समर्थकों ने भारी बारिश के बीच अनेक छोटे दलों में बटकर छाता लेकर सड़क पर उतरे। उन्होंने विभिन्न मार्गों पर रैली निकाली।

Spread the love