Eksandeshlive Desk
रांची : झारखंड विधानसभा अध्यक्ष(स्पीकर) रबीन्द्रनाथ महतो बुधवार को अपने कार्यालय कक्ष में शीतकालीन सत्र को लेकर उच्च स्तरीय बैठक की। बैठक में उन्होंने आगामी सत्र के सुचारु संचालन के लिए विभागों पदाधिकारियों को कई दिशा-निर्देश दिया। अध्यक्ष ने कहा कि सदस्यों के स्वीकृत अल्पसूचित एवं तारांकित प्रश्नों के उत्तर निर्धारित तिथि से एक दिन पूर्व शाम चार बजे तक संबंधित विभाग की ओर से निश्चित रूप से झारखंंड विधानसभा सचिवालय को उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा कि सत्रावधि के दौरान पदाधिकारी दीर्घा में वरीय पदाधिकारियों उपस्थित रहनेे का निर्देश दिया।
सुरक्षा और वाहनों के आवागमन पर भी दिशा निर्देश : स्पीकर ने कहा कि अधिकारी सदस्यों के जरिये दिए गए शून्यकाल की सूचना पर लंबित शून्यकाल का उत्तर उपलब्ध कराएं। साथ ही उन्होंने सदस्यों के स्वीकृत ध्यानाकर्षण सूचनाओं के उत्तर भी समय पर उपलब्ध कराने को कहा। उन्होंने कहा कि जिन विधेयकों को सभा के विचार के लिए लाया जाना है, उसकी सूचना संबंधित मंत्री के पत्र और विधेयक की प्रति, सत्र में विधेयक के लिए निर्धारित तिथि से तीन दिन पूर्व झारखंड विधानसभा सचिवालय को उपलब्ध कराया जाए ताकि सदस्यों के बीच ससमय विधेयक की प्रतियों का परिचालन हो सके। यदि कोई संशोधन विधेयक लाना है, तो मूल अधिनियम (अद्यतन संशोधन सहित) की पांच प्रतियां अवश्य ही झारखंड विधानसभा सचिवालय के उपयोग के लिए उपलब्ध कराना भी सुनिश्चित किया जाए।अध्यक्ष ने कार्यपालक दंडाधिकारी की प्रतिनियुक्ति सुरक्षा और वाहनों के आवागमन पर भी बैठक में दिशा निर्देश दिया। बैठक में संसदीय कार्यमंत्री, मुख्य सचिव, संबंधित विभागों के वरीय पदाधिकारी और जिला प्रशासन के अधिकारी बैठक में उपस्थित रहे।
झारखंड विधानसभा के शीतकालीन सत्र को लेकर रांची में निषेधाज्ञा लागू : झारखंड विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए रांची जिला प्रशासन ने विधानसभा (नया भवन) के 750 मीटर के दायरे में निषेधाज्ञा लागू की है। यह आदेश 5 दिसंबर सुबह 8:00 बजे से 11 दिसंबर रात 10:00 बजे तक प्रभावी रहेगा। इस क्षेत्र में झारखंड उच्च न्यायालय को प्रतिबंधित क्षेत्र से बाहर रखा गया है। रांची जिला प्रशासन की ओर से बुधवार को जारी निषेधाज्ञा के तहत- पांच या उससे ज्यादा लोग एक जगह इकट्ठा नहीं हो सकेंगे (सरकारी काम और शवयात्रा को छोड़कर)। किसी तरह के हथियार जैसे—बंदूक, राइफल, रिवॉल्वर, बम, बारूद आदि लेकर चलना पूरी तरह प्रतिबंधित है (सरकारी कर्मियों को छोड़कर)। लाठी-डंडा, तीर-धनुष, गड़ासा, भाला जैसे हथियार लेकर चलने की मनाही (सरकारी कार्य में लगे लोगों को छोड़कर)। धरना, प्रदर्शन, जुलूस, रैली या सभा का आयोजन भी नहीं किया जा सकेगा। लाउडस्पीकर या ध्वनि विस्तारक यंत्र के प्रयोग पर भी रोक रहेगी (सरकारी काम को छोड़कर)। झारखंड विधानसभा का शीतकालीन सत्र 5 से 11 दिसंबर तक चलना है। भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन ने यह कदम उठाया है।
