सड़क बनना बहुत जरूरी, इमरजेंसी की स्थिति में लोगों को हो सकती है भारी परेशानी

360° Ek Sandesh Live

अजय राज
प्रतापपुर(चतरा): प्रतापपुर प्रखंड मुख्यालय के डाकबंगला के सामने अस्पताल बाउंड्री के बगल से कृष्णापुरी मोहल्ला में जाने के रास्ते को लेकर हाइ वोल्टेज ड्रामा पिछले कई दिनों से जारी है। कभी रास्ता खुलेगा कि खबर पर लोगों में खुशी का संचार होता है तो अगले हीं पल प्रशासन द्वारा रास्ता बंद करने की कवायद शुरू हो जाती है और पुनः लोगों में निराशा और मायूसी पसर जाती है। इस हाई वोल्टेज ड्रामा से कृष्णापुरी मोहल्ले में रहने वाले लोगों के बीच असमंजस की स्थिति बनी हुई है।वहीं गांव के कई बुद्धिजीवी वर्ग के लोगों का कहना है कि ऐसा लगता है कि यह एक रास्ते की लड़ाई न होके एक राजनीतिक बर्चस्व की लड़ाई जैसी स्थिति बन चुकी है। सरकार या प्रशासन सोसायटी बसाने में विश्वास करती है या उसे उजाड़ने में।। यह समझ से परे है। लोग पाई पाई जमा कर के जमीन खरीदते हैं फिर अपनी गाढ़ी कमाई खर्च कर अपना घर- मकान बनाते है।दूर दराज के गांव छोड़ कर इसलिए प्रखंड मुख्यालय में आकर बसते हैं कि उन्हें तथा उनके परिवार को घर से नजदीक स्कूल कॉलेज,अस्पताल, प्रशासन आदि की सुविधा और सुरक्षा आसानी से मिल सके। अगर इतना कुछ होने के बाद उन सैकड़ों परिवारों के घर तक जाने वाली एकमात्र सड़क को हीं बंद कर दिया जाएगा तो फिर यह स्थिति कितनी भयावह हो जाएगी यह सहज समझने की जरूरत है। जिस कृष्णापुरी मोहल्ले में सैकड़ों परिवार घर बनाकर रह रहे हैं अगर उस मोहल्ले को जाने वाली 10 से 12 फीट चौड़ी एक मात्र सड़क को हीं अस्पताल की बाउंड्री आदि खड़ा कर बंद कर दिया जाता है तो किसी इमरजेंसी की स्थिति में एम्बुलेंस या कोई प्रसूति महिला को ममता वाहन जैसे साधन से लाने ले जाने का कोई रास्ता हीं नहीं रह जाएगा।तब तो ऐसी स्थिति में किसी की जान आदि भी जा सकती है हालांकि इस बीच सोमवार को उपायुक्त के निर्देश पर अनुमंडलाधिकारी जहूर आलम पुनः प्रतापपुर पहुंचे तथा कृष्णापुरी मोहल्ले में रहने वाले लोगों के हित में कोई अन्य वैकल्पिक रोड की संभावनाओं की तलाश में अंचलाधिकारी विकास कुमार टुड्डू, कर्मचारी नगीना राम तथा सरकारी अमीन के साथ स्थल निरीक्षण किया तथा कृष्णापुरी मोहल्ले के आस पास की जमीन की विस्तृत जानकारी ली गई।। पत्रकारों द्वारा पूछे जाने पर उन्होंने बताया कि सभी रिपोर्ट उपायुक्त महोदय के समक्ष रखा जाएगा तथा उनके आदेश के बाद अग्रतर कार्रवाई की जाएगी।। वहीं इस पूरे प्रकरण को काफी नजदीकी से देख रहे लोगों ने नाम न छापने के शर्त पर इतना भर कहा कि विधान सभा चुनाव से पहले अस्पताल प्रबंधन एवं संबंधित संवेदक के साथ 10 से 12 फीट रास्ता के लिए छोड़ कर अस्पताल की बाउंड्री देने पर सहमति बन चुकी थी। यहां तक कि इस रोड का सरकारी टेंडर भी हो चुका था तो आखिर अब ऐसा क्या कुछ हो गया जो इस 12 फीट के रास्ते को जंग का मैदान जैसा परिस्थिति बना कर बंद किया जा रहा है।

Spread the love