संसदीय चुनाव के लिए चीन से 40 लाख यूएस डॉलर का सहयोग स्वीकार करेगा नेपाल

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Eksandeshlive Desk

काठमांडू : नेपाल सरकार ने आसन्न संसदीय चुनाव में सहयोग के लिए चीन की ओर से दी जाने वाली 40 लाख अमेरिकी डॉलर (लगभग 58 करोड़ नेपाली रुपये) की आर्थिक सहायता स्वीकार करने का निर्णय लिया है। प्रधानमंत्री सुशीला कार्की की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में अनुमोदन के बाद संबंधित प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। सरकार के प्रवक्ता तथा गृहमंत्री ओमप्रकाश अर्याल ने मंत्रिपरिषद के फैसले के बारे में बताया कि यह सहायता द्विपक्षीय सहयोग कार्यक्रमों के अंतर्गत अनुदान के रूप में दी जा रही है, अर्थात इसे ऋण की तरह वापस नहीं करना होगा। गृहमंत्री अर्याल ने कहा कि 5 मार्च को होने वाले चुनाव में नेपाल सरकार ने अपने दोनों पड़ोसी देशों की सहायता लेने की नीति अपनाई है। भारत सरकार की तरफ से इस चुनाव के लिए करीब 100 करोड़ रुपये का सहयोग किया गया है, जिसमें 600 के करीब गाड़ियां एवं अन्य सामग्री शामिल है।

नेपाल में चुनाव के मद्देनजर हुई उच्च स्तरीय बैठक, निर्वाचन आयोग ने कहा- सुरक्षा खतरा नहीं

नेपाल में 5 मार्च को होने वाले संसदीय चुनावों के मद्देनजर मंगलवार को निर्वाचन आयोग ने उच्च स्तरीय सुरक्षा बैठक की। बैठक में विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों के प्रमुखों ने देशभर की समग्र कानून-व्यवस्था की स्थिति के बारे में जानकारी दी। इसके बाद निष्कर्ष निकाला गया कि आगामी चुनावों के लिए अब तक किसी प्रकार के सुरक्षा खतरे का संकेत नहीं मिला है। निर्वाचन आयोग के प्रवक्ता नारायण प्रसाद भट्टराई के अनुसार बैठक में चुनाव के दौरान उत्पन्न हो सकने वाली संभावित सुरक्षा चुनौतियों और उनसे निपटने के उपायों पर भी चर्चा की गई। बैठक में कहा गया कि चुनाव के लिए सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ है और अब तक कोई गंभीर चुनौती सामने नहीं आई है। सुरक्षा एजेंसियों के प्रमुखों ने समिति को अवगत कराया कि वर्तमान सुरक्षा स्थिति मजबूत है तथा राजनीतिक दलों को शांतिपूर्ण ढंग से अपनी गतिविधियां संचालित करने और मतदाताओं को बिना किसी भय के मतदान करने के लिए अनुकूल वातावरण बनाया गया है। भट्टराई ने बताया कि कुछ स्थानों पर मामूली घटनाएं हुई थीं, लेकिन स्थानीय प्रशासन की सक्रिय भूमिका से किसी भी अप्रिय स्थिति को टाल दिया गया। उन्होंने कहा कि पूरे देश में माहौल धीरे-धीरे चुनावमय होता जा रहा है। प्रवक्ता ने यह भी जानकारी दी कि आयोग ने मतदाताओं की सुविधा के लिए सरकार से तीन दिन का सार्वजनिक अवकाश घोषित करने की सिफारिश की है, ताकि वे अपने घर आ-जा कर मतदान कर सकें। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इससे चुनाव में सक्रिय सहभागिता बढ़ेगी।

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