रांची : भाषा ही हमारी पहचान है इसी संदेश के साथ सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची में विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ और प्राणीशास्त्र विभाग द्वारा स्थानीय भाषाओं हो, मुंडारी, खड़िया, संथाली और कुड़ुख के संरक्षण पर जागरूकता संगोष्ठी आयोजित की गई। कार्यक्रम में भाषाविद् डॉ. प्रदीप बोदरा, डॉ. टाकेर्लेन्ग कुल्लू, डॉ. जॉन कंडुलना, डॉ. के. सी. तुडु और डॉ. ललिमा खुजूर ने इन भाषाओं की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और सामाजिक महत्ता पर प्रकाश डाला। प्राणीशास्त्र विभाग से डॉ. प्रिया श्रीवास्तव, डॉ. वेंकट अप्पा राव, डॉ. रितेश शुक्ला तथा विभागाध्यक्ष डॉ. भारती सिंह रायपाट भी उपस्थित रहे। विभाग के छात्र-छात्राओं ने भी बड़ी संख्या में भाग लिया और चर्चा में सक्रिय रूप से शामिल होकर विचार एवं प्रश्न साझा किए। वक्ताओं ने कहा कि स्थानीय भाषाओं का संरक्षण आने वाली पीढ़ियों को अपनी जड़ों से जोड़ने और सांस्कृतिक विविधता को बनाए रखने में अहम है साथ ही उन्होंने कॉलेज में आरंभ होने वाले ऐड-आॅन कोर्स के बारे में भी जानकारी साँझा की और छात्रों को एनरोलमेंट के लिये प्रोत्साहित किया।
