Mustafa Ansari
रांची: दिशोम गुरु शिबू सोरेने के निधन पर राजधानी रांची में तीसरे दिन भी शोक की लहर रही। विभिन्न सामाजिक संगठनों ने जगह-जगह शोक सभा का आयोजन किया। इसी कड़ी में सेंट्रल अंजुमन इस्लामिया कांके प्रखंड के पदाधिकारियों और सदस्यों ने कमिटी के अध्यक्ष हाजी अब्दुल रहमान की अध्यक्षता में झारखंड के जननायक,समाज सुधारक,पूर्व मुख्यमंत्री,वर्तमान राज्य सभा सांसद,पूर्व सांसद एवं केंद्रीय राज्यमंत्री,आदिवासियों, मूलवासियों,शोषितों व वंचितों के मसीहा एवं झारखंड अलग राज्य के प्रणेता दिसोम गुरु स्व.शिबू सोरेन को मिल्लत कॉलोनी कांके स्थित कार्यालय में दो मिनट का मौन धारण कर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई।
अध्यक्ष हाजी अब्दुल रहमान ने कहा कि गुरु जी के निधन से देश के साथ-साथ झारखंड को अपूरणीय क्षति हुई है। उनका पूरा जीवन समाज के वंचित वर्गों के अधिकारों की लड़ाई में समर्पित रहा। उनके सिद्धांत, समर्पण और संघर्ष को युगों तक याद किया जाएगा। सचिव मो.इरफान,उपाध्यक्ष मो.चांद और खुर्शीद आलम ने बताया कि गुरु जी का संपूर्ण जीवन संघर्ष,सेवा और सिद्धांतों का प्रेरणादायक मिसाल रहा है। गुरुजी वे शख्स थे जिन्होंने जंगलों में रहकर जनता की आवाज बुलंद की,समाज में दबे कुचले लोगों को उनका हक दिलाया। उन्होंने बताया कि गुरुजी एक नाम ही नहीं बल्कि एक युग,विचार और एक उम्मीद थे। मौके पर मेहन्दी अंसारी,कलीम खांन, मो.अशरफ,नूर आलम,नुरुल होदा,सलामत अंसारी,मोहम्मद शरीफ,हाजी अब्दुल रशीद आदि उपस्थित थे।
