Eksandeshlive Desk
शिकारीपाड़ा/दुमका : शिकारीपाड़ा विधानसभा के युवा विधायक आलोक कुमार सोरेन ने सोमवार को शिकारीपाड़ा लैम्पस में धान अधिप्राप्ति केंद्र का शुभारंभ फीता काटकर किया। इस अवसर पर प्रखंड विकास पदाधिकारी मोहम्मद एजाज आलम, जिला सहकारिता पदाधिकारी दुमका, डीएसओ दुमका, शिकारीपाड़ा झामुमो कोषाध्यक्ष कलीमुद्दीन अंसारी, शिकारीपाड़ा लैम्प्स प्रबंधक एकरामुल अंसारी समेत ग्रामीण व किसान उपस्थित थे। जिला सहकारिता पदाधिकारी दुमका ने बताया कि इस वर्ष झारखंड सरकार ने किसानों के लिए धान का समर्थन मूल्य 2450 रुपये प्रति कुंतल निर्धारित किया है। विधायक आलोक कुमार सोरेन ने इस अवसर पर कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की दूर दृष्टि के विज़न में झारखंड के किसान प्रथम स्थान पर हैं और किसानों की समस्याओं के समाधान करने तथा उनके हित के लिए झारखंड सरकार हमेशा तत्पर है।
विधायक ने आगे कहा कि झारखंड सरकार ने किसानों के हित में प्रति कुंतल 2450 रुपये धान का समर्थन मूल्य निर्धारित किया है। जो भी किसान धान अधिप्राप्ति केंद्र में धान बेचेंगे उन्हें एक सप्ताह के अंदर सारी राशि चुकता कर दी जाएगी। उन्होंने किसानों से आह्वान किया कि वह अपनी मेहनत के धान को यत्र-तत्र बिचौलियों के हाथों में न बेचकर धान अधिप्राप्ति केंद्र शिकारीपाड़ा में लाएं और सरकार के द्वारा निर्धारित समर्थन मूल्य प्राप्त करें। बताते चलें कि हर वर्ष सरकार धान का समर्थन मूल्य घोषित करती है और धान अधिप्राप्ति केन्द्र में किसान अपने धान को बेचते हैं परंतु बीते वर्षों में देखा गया है कि धान देने के बाद किसानों को महीनों तक अपने पैसे के लिए चक्कर लगाना पड़ता है। यही कारण है कि अधिकतर किसान धान अधिप्राप्ति केन्द्र में धान देना पसंद नहीं करते। यदि सरकारी मशीनरी एवं विभागीय पदाधिकारी ईमानदारी पूर्वक किसानों के हित में काम करते हुए उन्हें एक सप्ताह के अंदर धान का मूल्य भुगतान करवा दें तो कोई दो मत नहीं की क्षेत्र के सारे किसान अपनी धान को इन केन्द्र में ही बेचना पसंद करेंगे।
