शोषित-वंचित, किसान-मजदूर, गरीबों के नेता मो इकबाल सुपुर्दे खाक

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बरहरवा: साहिबगंज ज़िला के मशहूर सीपीआईएम नेता मो इकबाल को मंगलवार उनके पैतृक गांव दिलालपुर स्थित कब्रिस्तान में सुपुर्दे खाक कर दिया गया। इसके पूर्व उनके जनाजे की नमाज़ में लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। संथाल परगना के सीपीआईएम नेताओं में अव्वल स्थान रखने वाले कामरेड मो इकबाल ने लंबी बीमारी के बाद सोमवार की रात लगभग 7:30 बजे अपने घर पर अंतिम सांसें लीं। उनके निधन से ज़िला भर में शोक की लहर दौड़ गई है। इधर शोषित-वंचित, किसान-मजदूर, गरीबों के नेता मो इकबाल के अंतिम यात्रा में जिला कमिटी के सचिव कामरेड असगर आलम, गोपीन सोरेन सहित भारी संख्या में लोगों ने शिरकत की।
मो इकबाल का लंबा राजनीतिक कार्यकाल रहा है
बताते चलें कि जिला के बरहरवा प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत दिलालपुर गांव में एक किसान परिवार में जन्म लेने वाले स्वर्गीय मनिरुल हक़ के पुत्र मो इकबाल बचपन से ही समाजिक कार्यों में सक्रिय रहते थे। हाई स्कूल की पढ़ाई शुरू करते ही छात्र नेता के रूप में अपनी पहचान बनाई। अपने क्षेत्र के गरीब, मजदूर, किसान, शोषित, वंचित लोगों के हक़ व अधिकार की आवाज़ उठाते रहे। हाई स्कूल की पढ़ाई के बाद 70 के दशक में उन्होंने सीपीआईएम जोइन किया था। समाज को अपना जीवन समर्पण कर देने वाले मो इकबाल ने शादी तक नहीं की। लगभग 50-60 साल के राजनीतिक कैरियर में संघर्ष करते हुए क्षेत्र के नौजवानों के अंदर राजनितिक बेदारी पैदा की। उन्होंने ज़िला में हजारों कॉमरेड बना कर कई पार्टियों के समक्ष चुनौती खड़ी की। पार्टी में योगदान के बाद ज़िला सचिव, राज्य सचिव मंडल सदस्य के पद पर रहकर पार्टी का सिपाही बन कर काम किया। इसके अलावा सीआईटीयू में भी काफ़ी योगदान दिया। कई बार विधानसभा चुनाव भी लड़े। हालांकि जीत नहीं पाए। लेकिन लोगों की आवाज़ बन कर उनके लिए लड़ना नहीं छोड़ा था।

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