Eksandeshlive Desk
पूर्वी सिंहभूम : टाटा स्टील भारत की पहली कंपनी रही है जिसने कार्यस्थल पर क्रेच सुविधा स्थापित की। बुधवार को टाटा स्टील द्वारा जारी विज्ञप्ति में बताया गया है कि आज कंपनी देश की सबसे समावेशी और व्यापक बाल देखभाल व्यवस्था प्रदान करने वाली अग्रणी कंपनी बन चुकी है। वर्तमान में टाटा स्टील के 20 से अधिक क्रेच उसके संयंत्रों, खदानों, कार्यालयों और टाउनशिप में संचालित हैं, जिनमें जमशेदपुर, कोलकाता, वेस्ट बोकारो, नोआमुंडी, जौदा, खड़गपुर, तारापुर, हल्दिया, बामनीपाल, जाजपुर और मेरामंडली जैसे स्थान शामिल हैं। इन केंद्रों में सैकड़ों बच्चों की देखभाल की जाती है।
जमशेदपुर स्थित ‘मुस्कान’ क्रेच लगभग पूर्ण क्षमता से चल रहा है, जबकि छोटे केंद्रों में भी नियमित उपयोग बना हुआ है। सभी केंद्र टाटा स्टील की क्रेच नीति के तहत विकसित हैं, जिनमें बच्चों के अनुकूल ढांचा, सीसीटीवी निगरानी, पौष्टिक भोजन, चिकित्सीय सुविधा और शिक्षण गतिविधियां शामिल हैं। हर पांच छोटे बच्चों पर एक सहायक तथा हर आठ बड़े बच्चों पर एक सहायक नियुक्त करने का अनुपात रखा गया है। यह पहल पूरी तरह समावेशी है और सभी कर्मचारियों को लाभ देती है, चाहे वे किसी भी लिंग या वैवाहिक स्थिति के हों। कंपनी न केवल ऑन-साइट व नियर-साइट क्रेच चलाती है बल्कि क्रेच खर्च की प्रतिपूर्ति, नर्सिंग ब्रेक और लचीलापन भी प्रदान करती है। महिलाओं की तीनों शिफ्टों में भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए कई केंद्र 24 घंटे संचालन में हैं।‘मुस्कान’ जैसी इकाइयां बच्चों के सर्वांगीण विकास पर केंद्रित हैं जहां कला, नृत्य और रचनात्मक शिक्षण गतिविधियों के माध्यम से उनका विकास किया जाता है। टाटा स्टील के ये प्रयास महिला सशक्तिकरण और समान अवसर वाले कार्यस्थल की दिशा में एक सशक्त कदम हैं।
