सरकारी कंबल वितरण में आदिम जनजाति परिवारों को प्राथमिकता, कम आबंटन पर मुखियाओं की नाराज़गी

360° Ek Sandesh Live

अजय राज
प्रतापपुर (चतरा): तेज़ होती ठंड के बीच प्रतापपुर प्रखंड के कई पंचायतों में जिला सामाजिक सुरक्षा विभाग द्वारा उपलब्ध कराए गए कंबलों का वितरण शुरू हो गया है। डूमरवार पंचायत के अनगड़ा स्थित जावादोहर टोला में दर्जनों बैगा आदिम जनजाति परिवारों के बीच मुखिया प्रतिनिधि रामजी पासवान ने कंबल वितरित किए। वहीं योगियारा, देवकुंडी तथा बामी गांव में भी सैकड़ों आदिम जनजाति परिवारों को कंबल उपलब्ध कराए गए। मौके पर जिप प्रतिनिधि संतोष राणा एवं पंचायत के मुखिया आशीष भारती मौजूद रहे। जरूरतमंदों ने बताया कि इस बार सरकार द्वारा उपलब्ध कराए जा रहे कंबल बेहतर गुणवत्ता और मुलायम उन का है, जिसे पाकर लोगों में खुशी देखी गई। इधर कई पंचायतों के मुखियाओं ने कम संख्या में कंबल आबंटित किए जाने पर नाराज़गी जताई। प्रतिनिधियों ने कहा कि पंचायत में जरूरतमंदों की संख्या अधिक है, जबकि आबंटन 100 या उससे कम होने के कारण वितरण में दिक्कत होती है और ग्रामीणों के आक्रोश का सामना करना पड़ता है।
प्रखंड कार्यालय के अनुसार प्रतापपुर प्रखंड को जिला मुख्यालय से कुल 3060 कंबल उपलब्ध कराए गए हैं। इसमें पंचायतों के मुखिया को औसतन 100, पंचायत समिति सदस्यों को 25, प्रखंड प्रमुख को 150, उपप्रमुख को 30 तथा जिला परिषद सदस्यों को 50–50 कंबल दिए गए हैं। बैगा–बिरहोर जैसी आदिम जनजाति वाले पंचायतों को अतिरिक्त कंबल प्राथमिकता के आधार पर दिए गए हैं।इस संबंध में विस्तृत जानकारी के लिए प्रखंड विकास पदाधिकारी अभिषेक कुमार पांडेय से संपर्क की कोशिश की गई, परंतु बात नहीं हो सकी। वहीं आबंटन के लिए बनी पहली लिस्ट के अनुसार पंचायत समिति तथा अन्य प्रतिनिधि को आवंटित कंबल की संख्या में एक बार फिर इजाफा किया गया है पहले जहां पंचायत समिति को 12 –12 कंबल दिए जा रहे थे वहीं विरोध जताने के बाद उन्हें 25–25 कंबल दिया गया है उसी तरह कई अन्य प्रतिनिधि को भी पहले आबंटित कंबल की संख्या में लगभग 50 से 100 अतिरिक्त कम्बल की बढ़ोतरी कर उन्हें उपलब्ध कराया गया है।
अब देखना यह हैं कि गरीब असहाय एवं गरीबी रेखा से नीचे गुजर बसर करने वाले लोगों को सरकारी कम्बल की गर्माहट कितना और कब नसीब होती है।।

Spread the love