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रांची : झारखण्ड स्थायी सम्बद्ध डिग्री महाविद्यालय संघर्ष मोर्चा का एक प्रतिनिधिमंडल शुक्रवार को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। जिसमें कहा गया कि वित्तरहित शिक्षा नीति को समाप्त कर वर्तमान परिस्थिति में महाविद्यालयों की स्थिति को देखते हुए झारखण्ड राज्य वित्तरहित शैक्षणिक संशोधन नियमावली 2023 को शिथिल कर सभी स्थायी संबंद्धता प्राप्त डिग्री महाविद्यालय के शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मियों को विश्वविद्यालय कर्मी व राज्यकर्मी का दर्जा दिया जाय। सभी स्थायी संबंद्धता प्राप्त महाविद्यालय में कार्यरत शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मियों का सेवा को नियमित करते हुए वित्तीय वर्ष 2025-26 से वेतन भुगतान किया जाय। मौके पर प्रदेश अध्यक्ष ने प्रनिधिमंडल को आश्वस्त करते हुए कहा कि आपकी इन मांगों पर हम गंभीरता से विचार करते हुए मुख्यमंत्री और शिक्षामंत्री से विचार-विमर्श करेंगे। प्रतिनिधिमंडल में सर्वश्री अनन्त कुमार महतो, रामकृष्ण महतो, विश्वनाथ महतो, सुकल्याण महतो, केशव प्रसाद रॉय, महितोष महतो, त्रिभुवन महतो, विश्वनाथ मुण्डा, कृष्ण चन्द्र महतो, विश्वजीत महतो, कालीचरण महतो शामिल थे।
