सुधार नहीं होने पर सिविल सर्जनों के वेतन पर लगाई जायेगी रोक : अपर मुख्य सचिव

Health

Eksandeshlive Desk

रांची : स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह की अध्यक्षता में आईपीएच सभागार,नामकुम में सभी जिलों के सिविल सर्जनों के साथ समीक्षा बैठक की। इस अवसर पर उन्‍होंने कहा कि 15वें वित्त आयोग की समीक्षा में कम खर्च पर नाराजगी जताते हुए शून्य प्रगति वाले जिलों पर कारण बताओ और कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि सुधार नहीं होने पर संबंधित सिविल सर्जनों के वेतन पर रोक लगाई जाएगी। साथ ही बेहतर प्रदर्शन करने वाले जिलों की प्रशंसा की गई और पिछड़े जिलों को उनसे सीख लेने का निर्देश दिया गया।

अपर मुख्‍य सचिव ने कहा कि न्यूनतम 60 प्रतिशत राशि का उपयोग अनिवार्य है तथा 13 फरवरी तक नगर परिषद और उप विकास आयुक्त द्वारा खर्च की गई राशि का यूटिलाइजेशन सर्टिफिकेट जमा करना होगा। उन्होंने समयबद्ध भुगतान के लिए संबंधित अधिकारियों एवं स्टेकहोल्डर्स के साथ समन्वय बैठकें आयोजित करने पर जोर दिया। उन्‍होंने मुख्यमंत्री अस्पताल रखरखाव योजना के तहत अस्पतालों में मरम्मत एवं रंग-रोगन कार्यों की समीक्षा करते हुए शेष कमियों को जल्द दूर करने का निर्देश दिया। बैठक में अटेंडेंस सिस्टम को वेतन से जोड़ने, सहियाओं के इंसेंटिव को ऑनलाइन करने तथा 108 एंबुलेंस सेवा के एकीकृत संचालन पर भी चर्चा की गई। बैठक में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम), मुख्यमंत्री अस्पताल रखरखाव योजना, 15वें वित्त आयोग एवं पीएम-अभीम योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। अपर मुख्य सचिव ने एनएचएम अंतर्गत व्यय एवं संभावित खर्च की जानकारी लेते हुए शीघ्र विपत्र तैयार कर भुगतान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। बैठक में विभाग के वरिष्ठ अधिकारी एवं सभी जिलों के सिविल सर्जन मौजूद थे।

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