सुनेत्रा पवार को उपमुख्यमंत्री बनाने का फैसला जल्दबाजी में लिया गया : शरद पवार

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Eksandeshlive Desk

मुंबई : राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा एसपी) के अध्यक्ष शरद पवार ने शनिवार को बारामती में कहा कि सुनेत्रा पवार को उपमुख्यमंत्री बनाने का फैसला जल्दबाजी में लिया गया है। यह फैसला राकांपा एपी के कार्यकारी अध्यक्ष प्रफुल्ल पटेल और सुनील तटकरे ने लिया है, इसकी जानकारी उन्हें नहीं है। शरद पवार ने पत्रकारों को बताया कि इस संदर्भ में वह कोई व्यक्तव्य नहीं देंगे, इसका कारण यह उनकी पार्टी का विषय है। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री अजीत पवार बहुत ही कर्मठ और कुशल नेता थे। सुबह छह बजे से ही अजीत काम करना शुरू कर देते थे। इस जिम्मेदारी को परिवार में हर किसी को मिल कर निभानी होगी।

दोनों राकांपा के विलय को लेकर पिछले चार महीनों से बातचीत चल रही थी : शरद पवार ने यह भी कहा कि दोनों राकांपा के विलय को लेकर पिछले चार महीनों से बातचीत चल रही थी। उन्होंने यह भी साफ किया कि जयंत पाटिल और अजित पवार बातचीत कर रहे थे। दोनों राकांपा के विलय पर फैसला 12 जनवरी को ही घोषित किया जाना था। हालांकि अब इसमें ब्रेक लग गया है। पवार परिवार के कुछ सीनियर सदस्यों का मानना है, “इतनी जल्दबाजी करने की कोई ज़रूरत नहीं थी।” जहां एक तरफ दोनों ग्रुप्स के विलय को लेकर चर्चा चल रही है, वहीं दूसरी तरफ इस तरह से आपसी फैसले लिए जाने से भ्रम बढ़ गया है। उन्होंने पुणे जिले के बारामती स्थित काठेवाड़ी में अपने निवास पर राकांपा एसपी के अन्य नेताओं से भी चर्चा की। हालांकि इन नेताओं के बीच हुई चर्चा का अधिकृत ब्योरा पत्रकारों को नहीं दिया गया है।

सुनेत्रा पवार को उपमुख्यमंत्री बनाने का फैसला राकांपा एपी का है : भारतीय जनता पार्टी(भाजपा) के प्रदेश प्रवक्ता नवनाथ बन ने शनिवार को मुंबई में कहा कि अजीत पवार की जगह उनकी पत्नी सुनेत्रा पवार को उपमुख्यमंत्री बनाए जाने का फैसला उनकी पार्टी का है। राकांपा महायुति में शामिल है, इसलिए भाजपा सिर्फ उनके फैसले का समर्थन कर रही है। भाजपा प्रदेश प्रवक्ता बन ने कहा कि सत्ता में बैठे व्यक्ति की मौत के बाद, उस पद पर अगली नियुक्ति क्रम में होती है। इससे पहले स्वर्गीय इंदिरा गांधी, जयललिता और मनोहर पर्रिकर की मौत के तुरंत बाद उनके उत्तराधिकारियों का शपथ ग्रहण समारोह जल्दबाजी में हुआ था। मुश्किल हालात में पार्टी के हित में फैसले लेने पड़ते हैं। अजीत दादा की मौत के बाद पार्टी नेता के चयन और उपमुख्यमंत्री पद के फैसले के बारे में अजीत पवार की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के लिए गए फैसले का भारतीय जनता पार्टी समर्थन करेगी।

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