Eksandeshlive Desk
रांची : झारखंड में बढ़ती कड़ाके की ठंड और शीतलहरी को देखते हुए रांची जिला प्रशासन ने केजी से लेकर कक्षा 12वी तक के सभी कक्षाएं दाे दिन बंद रखने का आदेश दिया है। इस दौरान 11 और 12 की कक्षाओं की हाेने वाली परीक्षाओं के संबंध में विद्यालय अपने विवेक अनुसार काेई निर्णय कर सकेंगे। जिला प्रशासन ने रविवार को एक बयान जारी कर बताया कि मौसम विज्ञान केंद्र झारखंड (रांची) के विशेष बुलेटिन के अनुसार राज्य में अगले दिनाें में भारी ठंड एवं शीतलहर रहेगी। इस दाैरान रांची जिले काे येलो जोन की श्रेणी में चिन्हित किया गया है, जहां अत्यधिक ठंड पड़ने की संभावना जताई गई है।
बच्चों के स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने की अपील : इसी के मद्देनज़र जिला प्रशासन ने रांची जिला के सभी सरकारी, गैर-सरकारी एवं निजी विद्यालयों में केजी से लेकर 12वीं कक्षा तक की पढ़ाई 5 जनवरी और 6 जनवरी 2026 काे स्थगित करने का आदेश जारी किया गया है। जिला प्रशासन ने विद्यालय प्रबंधन को निर्देश दिया है कि वे आदेश का सख्ती से अनुपालन सुनिश्चित करें। प्रशासन ने बताया कि यदि इस अवधि में किसी विद्यालय में परीक्षाएं निर्धारित हैं, तो विद्यालय अपने विवेकानुसार परीक्षा का संचालन कर सकते हैं। उल्लेखनीय है कि सरकारी विद्यालय पहले से ही 5 जनवरी तक शीतकालीन अवकाश के चलते बंद हैं। 6 जनवरी काे सरकारी विद्यालयाें में शिक्षक विद्यालय में उपस्थित होकर ई-विद्या वाहिनी (ई-वीवी) पर अपनी उपस्थिति दर्ज करेंगे और गैर-शैक्षणिक कार्यों का निष्पादन करेंगे। जिला प्रशासन ने अभिभावकों से अपील की है कि बच्चों के स्वास्थ्य को प्राथमिकता दें और अत्यधिक ठंड में सावधानी बरतें।
पेरेंट्स एसोसिएशन ने स्कूल अवकाश बढ़ाने की रखी मांग : कड़ाके की ठंड और घने कोहरे को देखते हुए झारखंड पेरेंट्स एसोसिएशन ने स्कूलों का अवकाश छह जनवरी से आगे तक बढ़ाने की मांग की है। संगठन के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने रविवार को जारी बयान में राज्य सरकार से मांग की है कि केजी से आठवीं कक्षा तक के विद्यालयों में कक्षाएं स्थगित रखते हुए अवकाश को तय छह जनवरी तक के अवकाश को आगे कुछ दिनों के लिए और बढ़ाया जाए। राय ने जारी विज्ञप्ति में कहा कि शिक्षा के साथ बच्चों का स्वास्थ्य सर्वोपरि है, लेकिन खराब मौसम के सामान्य होने के बाद ही स्कूलों को नियमित रूप से खोला जाना चाहिए। फिलहाल छुट्टियों को बढ़ाने का निर्देश जारी किया जाए। उन्होंने कहा कि मौजूदा मौसम बच्चों के स्वास्थ्य और सुरक्षा के लिहाज से बेहद चिंताजनक है। राज्य के कई जिलों में तापमान तीन डिग्री सेल्सियस तक गिर चुका है। सुबह के समय घना कोहरा छाया रहता है, जिससे नजदीक की चीजों को भी देखना मुश्किल हो रहा है। साथ ही ठंड और शीतलहर के कारण सर्दी, खांसी, बुखार और श्वसन संक्रमण जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। ऐसी खराब स्थिति में बच्चों का सुबह स्कूल जाना जोखिम भरा है। इसलिए छुट्टियों को सरकार बढ़ाए।
