अजय राज
प्रतापपुर(चतरा): प्रखंड क्षेत्र में हाड़ कंपकंपा देने वाली शीतलहरी से राहत पहुंचाने को लेकर जहाँ एक ओर कई जनप्रतिनिधि और स्वयंसेवी संस्थाओं के लोग अपनी निजी खर्च से गरीब और जरूरतमंद परिवारों के बीच कंबल बांटकर राहत पहुँचाने का सराहनीय कार्य कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर कई पंचायतों में सरकारी स्तर पर उपलब्ध कराए गए कंबल अब तक जरूरतमंदों तक नहीं पहुँच पाए हैं। इससे गरीब, असहाय और बुजुर्ग परिवार ठिठुरन भरी सर्दी में एक अदद कंबल की आस लगाए पंचायत प्रतिनिधियों की ओर टकटकी लगाए देखे जा रहे हैं। प्रखंड में तापमान 8 से 9 डिग्री तक पहुँच चुका है। ठंड के कारण आमजन बेहाल हैं। ऐसे में हाड़ कंपा देने वाली इस सर्दी में एक कंबल गरीब परिवार के लिए किसी वरदान से कम नहीं है।
10 दिन पूर्व उठाव — फिर भी नहीं हुआ कंबल वितरण
सूत्रों के अनुसार एघारा, टंडवा सहित कई पंचायतों के मुखियाओं ने प्रखंड कार्यालय से करीब 10 दिन पूर्व सरकारी कंबल का उठाव तो कर लिया, लेकिन अब तक इन्हें गरीबों के बीच वितरित नहीं किया गया। इस लापरवाही से स्थानीय लोगों में रोष व्याप्त है। कंबल वितरण में देरी का कारण जानने के लिए एघारा पंचायत के मुखिया व पंचायत सचिव से कई बार फोन पर संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन दोनों द्वारा फोन रिसीव नहीं किया गया।
टंडवा पंचायत में 128 कंबल फिर भी गरीब इंतज़ार में
24 दिसंबर को टंडवा पंचायत के लिए कुल 128 कंबल का उठाव किया गया था। जिसमें 104 कंबल मुखिया को तथा 24 कंबल समिति के लिए आवंटित किए गए थे। परंतु खबर लिखे जाने तक उपरोक्त पंचायत में भी गरीबों के बीच कम्बल का वितरण अभी तक नहीं किया गया है। इस संबंध में पूछे जाने पर टंडवा पंचायत के मुखिया किशोर यादव ने स्वीकार किया कि
“कंबल अभी तक वितरण नहीं हो पाया है, बहुत जल्द सभी गरीब जरूरतमंद परिवारों के बीच बांट दिया जाएगा।”
ग्रामीणों का कहना है कि “जब कंबल गरीबों के लिए है, तो उन्हें समय पर मिलना चाहिए।ठंड के खत्म होने के बाद बांटने का कोई मतलब नहीं रह जाता।”लोगों ने प्रशासन व प्रखंड पदाधिकारियों से अपील की है कि कंबल वितरण की निगरानी कर जल्द से जल्द उसे लाभुकों तक पहुँचाया जाए ताकि उन्हें ठंड से राहत मिल सके।
