Eksandeshlive Desk
रांची : सहायक आचार्य के लिए सोशल स्टडीज (क्लास छह से आठ) नन पारा कैटेगरी के शेष रिक्त पदों पर रिजल्ट जारी करने को लेकर उमाकांत महतो एवं अन्य की याचिका की सुनवाई झारखंड उच्च न्यायालय में शुक्रवार को हुई। मामले में हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति आनंद सेन की अदालत ने झारखंड स्टाफ सिलेक्शन कमिशन (जेएसएससी) से उक्त विषय के सभी अभ्यर्थियों का मार्क्स स्टेटमेंट, अंतिम चयनित अभ्यर्थियों का मार्क्स प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। जेएसएससी की ओर से समय देने के आग्रह को देखते हुए कोर्ट ने उसे 8 सप्ताह का समय प्रदान किया।
अगली सुनवाई तीन फरवरी 2026 को होगी : सुनवाई के दौरान प्रार्थी की ओर से अधिवक्ता अमृतांश वत्स ने कोर्ट को बताया कि सहायक आचार्य के लिए सहायक आचार्य के लिए सोशल स्टडीज (क्लास 6 से 8) नन पारा कैटेगरी में जेएसएससी ने 2535 सीटों में से मात्र 1801 पद का ही रिजल्ट जारी किया है। अभी भी 734 पद का रिजल्ट जारी नहीं हुआ है। प्रार्थी को सफल होने के बाद जेएसएससी ने डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन में भी बुलाया था जिसमें उनके डॉक्यूमेंट सही पाया गया था। जेएसएससी ने उनके डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन को एक्सेप्ट किया और ना तो अभ्यर्थियों को सो कॉज नोटिस जारी हुआ और न ही उनसे ऑब्जेक्शन मांगे गए थे। प्रार्थी डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन में सफल हुए हैं ऐसे में नियम के तहत उनका रिजल्ट अवश्य जारी होना चाहिए या फिर रिजल्ट जारी नहीं करने का कारण बताना चाहिए। जिस पर कोर्ट ने जेएसएससी से पूछा कि आप उक्त विषय के रिक्त सीटों के लिए सेकंड राउंड का रिजल्ट कब जारी कर रहे हैं। साथ ही उक्त विषय के सभी सभी अभ्यर्थी का मार्क्स स्टेटमेंट और अंतिम चयनित अभ्यर्थी का मार्क्स कोर्ट को बताने को कहा है। अगली सुनवाई तीन फरवरी 2026 को होगी।
