Kolkota : भारतीय रेल ने स्वदेशी रूप से डिजाइन एवं निर्मित वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का अंतिम उच्च गति परीक्षण रेल सुरक्षा आयुक्त (सीआरएस) की देखरेख में सफलतापूर्वक सम्पन्न किया है। यह परीक्षण कोटा–नागदा खंड मंा किया गया, जिसके दौरान ट्रेन ने अधिकतम 180 किमी/घं. की गति प्राप्त की। यह उपलब्धि भारत की उन्नत एवं आत्मनिर्भर रेल प्रौद्योगिकी की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। परीक्षण के दौरान किए गए मूल्यांकन उच्च गति परीक्षण के दौरान विभिन्न तकनीकी मूल्यांकन किए गए, जिनमें शामिल थे। राइड स्टैबिलिटी (यात्रा स्थिरता), ऑसिलेशन एवं वाइब्रेशन व्यवहार, ब्रेकिंग प्रदर्शन एवं आपातकालीन ब्रेक प्रणाली, सुरक्षा तंत्र एवं अन्य महत्वपूर्ण पैरामीटरवंदे भारत स्लीपर ट्रेन ने 180 किमी/घं. की गति से सीआरएस उच्च गति परीक्षण सफलतापूर्वक पूरा किया वंदे भारत स्लीपर ट्रेन ने 180 किमी/घं. की गति से सीआरएस उच्च गति परीक्षण सफलतापूर्वक पूरा किया ।
उच्च गति पर ट्रेन का समग्र प्रदर्शन संतोषजनक पाया गया और सीआरएस द्वारा परीक्षण सफल घोषित किया गया।
जल–परीक्षण का प्रदर्शन रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सोशल मीडिया पर इस उच्च गति परीक्षण का वीडियो साझा किया, जिसमें 180 किमी/घं. गति पर सफल सीआरएस परीक्षण का प्रदर्शन किया गया है। वीडियो में जल–गिलास स्थिरता प्रदर्शन भी दिखाया गया, जिसमें तेज गति के बावजूद पानी से भरे गिलास स्थिर एवं बिना छलकाव के रहे। यह नई पीढ़ी की इस ट्रेन के उन्नत सस्पेंशन, श्रेष्ठ राइड क्वालिटी एवं तकनीकी मजबूती का प्रमाण है। इस परीक्षण में 16-कोच वंदे भारत स्लीपर रेक का उपयोग किया गया, जो लंबी दूरी की यात्रा को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है। इसमें अत्याधुनिक यात्री सुविधाएँ उपलब्ध हैं। इन सभी सुविधाओं का उद्देश्य यात्रियों को सुरक्षित, आरामदायक और विश्व–स्तरीय यात्रा अनुभव प्रदान करना है।भारतीय रेल की आत्मनिर्भरता की दिशा में बड़ा कदम सीआरएस उच्च गति परीक्षण की सफल पूर्णता एक प्रमुख तकनीकी उपलब्धि है, जो वंदे भारत स्लीपर सेवाओं की शुरूआत का मार्ग प्रशस्त करती है। यह विकास भारतीय रेल की नवाचार, सुरक्षा एवं आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य के अनुरूप स्वदेशी रेल निर्माण को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता को सुदृढ़ करता है।
