अजय राज:
प्रतापपुर(चतरा): राष्ट्रभक्ति और गौरव का प्रतीक दिवस शुक्रवार को उस समय और भी विशेष बन गया जब राष्ट्रीय गीत “वंदे मातरम” के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष में आईआरबी-3 अल्फा कंपनी गौरीघाट शिविर के पदाधिकारी एवं जवानों ने आम नागरिकों के साथ मिलकर नीलकंठ महादेव मंदिर के प्रांगण में भव्य आयोजन किया।इस अवसर पर उपस्थित जवानों एवं स्थानीय नागरिकों ने एक सुर में “वंदे मातरम” का सामूहिक गायन किया, जिससे सम्पूर्ण परिसर देशभक्ति की भावना से गूंज उठा। कार्यक्रम में जवानों ने राष्ट्रगीत के इतिहास , उसके महत्व और इसके पीछे छिपे स्वतंत्रता संग्राम के भावनात्मक अध्यायों पर भी प्रकाश डाला।कंपनी के पदाधिकारियों ने कहा कि “वंदे मातरम” केवल एक गीत नहीं, बल्कि यह हमारी राष्ट्रीय अस्मिता और स्वाभिमान का प्रतीक है, जिसने स्वतंत्रता संग्राम के दौरान देशभक्तों में जोश और बलिदान की भावना जगाई।कार्यक्रम के दौरान जवानों ने अनुशासन और एकता का परिचय देते हुए राष्ट्र की अखंडता और संप्रभुता की रक्षा के संकल्प को दोहराया। वहीं, स्थानीय लोगों ने कहा कि इस तरह के आयोजन से नई पीढ़ी में राष्ट्रप्रेम की भावना और मजबूत होती है।कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने तिरंगे को सलामी दी और “भारत माता की जय” एवं “वंदे मातरम” के जयघोष से पूरा वातावरण देशभक्ति से सराबोर हो उठा।मौके पर गौरीघाट पिकेट प्रभारी मोहन तिर्की, आईआरबी–3 प्रभारी कंपनी समादेष्टा राहुल कुमार सिंह,मेजर विनोद गुप्ता एवं समाजसेवी विकास कुमार विक्की, प्रेम कुमार, रंजन पासवान, राजन सौंडीक, आशीष पाठक सहित आईआरबी के दर्जनों हवलदार एवं आरक्षी मौजूद रहें।।
