वेब सीरीज ‘असली प्रधान कौन?’ के नए एपिसोड में महिला ग्राम प्रधान के अनुकरणीय नेतृत्व कौशल का प्रदर्शन

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Eksandeshlive Desk

नई दिल्ली : पंचायती राज मंत्रालय (एमओपीआर) ने प्रॉक्सी प्रतिनिधित्व को खत्म करने और जमीनी स्तर पर वास्तविक महिला नेतृत्व को बढ़ावा देने के लिए एक अग्रणी अभियान शुरू किया है। इस पहल के हिस्से के रूप में एमओपीआर ने स्थानीय ग्रामीण शासन को प्रभावित करने वाले महत्वपूर्ण मुद्दों को संबोधित करने वाली आकर्षक डिजिटल सामग्री की एक शृंखला के निर्माण के लिए द वायरल फीवर (टीवीएफ) के साथ सहयोग किया है। व्यापक रूप से प्रशंसित वेब-सीरीज़ पंचायत के ब्रह्मांड के भीतर निर्मित टीवीएफ द्वारा इस प्रोडक्शन में नीना गुप्ता, चंदन रॉय और फैसल मलिक जैसे प्रसिद्ध कलाकार हैं।

इन प्रोडक्शन में से पहला, “असली प्रधान कौन?” का प्रीमियर तीन दिन पहले हुआ, जो मंत्रालय के “सशक्त पंचायत नेत्री अभियान” के शुभारंभ के साथ हुआ। यह फिल्म देशभर से पंचायती राज संस्थाओं की 1,200 से अधिक निर्वाचित महिला प्रतिनिधियों के समक्ष विज्ञान भवन (नई दिल्ली) में प्रदर्शित की गई। फिल्म ‘असली प्रधान कौन?’ दर्शाती है कि एक महिला ग्राम प्रधान जनकल्याण के लिए अपनी शक्तियों का कितने प्रभावी ढंग से उपयोग करती है। “असली प्रधान कौन?” ‘सरपंच पति’ संस्कृति के मुद्दे को संबोधित करती है- जहां परिवार के पुरुष सदस्य अनौपचारिक रूप से निर्वाचित महिला नेताओं का प्रतिनिधित्व करते हैं– एक ऐसी प्रथा जो पंचायती राज संस्थाओं में महिलाओं के प्रतिनिधित्व के संवैधानिक जनादेश को कमजोर करती है।

अपनी भूमिका के बारे में बात करते हुए अभिनेत्री नीना गुप्ता ने कहा, “ऐसी कहानियों का हिस्सा बनना हमेशा खुशी की बात होती है, जिनका कोई उद्देश्य होता है। असली प्रधान कौन? सिर्फ एक और प्रोडक्शन नहीं है– यह ग्रामीण भारत में महिलाओं द्वारा सामना की जाने वाली वास्तविक जीवन की चुनौतियों का प्रतिबिंब है। मैं दर्शकों को यह देखने के लिए उत्साहित हूं कि कहानी कहने के माध्यम से इस संदेश को कितनी खूबसूरती से व्यक्त किया गया है।” यह पहल “पंचायती राज व्यवस्थाओं और संस्थाओं में महिलाओं के प्रतिनिधित्व और भूमिकाओं में परिवर्तन: प्रॉक्सी भागीदारी के प्रयासों को समाप्त करना” पर हाल ही में आई रिपोर्ट के मद्देनजर की गई है। इसने व्यापक ध्यान आकर्षित किया है और स्थानीय शासन में वास्तविक महिला नेतृत्व को मजबूत करने के मंत्रालय के निरंतर प्रयासों के पक्ष में गति पकड़ी है। अपने व्यापक दृष्टिकोण के हिस्से के रूप में मंत्रालय निम्नलिखित पर ध्यान केंद्रित करते हुए दो अतिरिक्त प्रोडक्शन जारी करेगा:- डिजिटल हस्तक्षेप और पारदर्शिताः यह दर्शाता है कि प्रौद्योगिकी ग्रामीण शासन को कैसे बदल सकती है। स्वयं के स्रोत से राजस्वः पंचायतों के लिए वित्तीय स्वतंत्रता और आत्मनिर्भरता के महत्व पर प्रकाश डालना।

अभिनेता दुर्गेश कुमार और बुल्लू कुमार की विशेषता वाले ये आगामी रिलीज़ जमीनी स्तर पर प्रभावशाली बदलाव लाने के मंत्रालय के मिशन को आगे बढ़ाएंगे। साल भर चलने वाला “सशक्त पंचायत नेत्री अभियान” देशभर में पंचायती राज संस्थाओं की महिला निर्वाचित प्रतिनिधियों की क्षमता और प्रभावशीलता को बढ़ाने के लिए बनाया गया है। यह पंचायती राज पदों पर निर्वाचित महिलाओं के कौशल और आत्मविश्वास के निर्माण पर ध्यान केंद्रित करेगा, यह सुनिश्चित करेगा कि वे अपने संवैधानिक अधिकारों और जिम्मेदारियों का प्रभावी ढंग से उपयोग कर सकें।

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