
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति देने वाला बजट: राधा कृष्ण किशोर
वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 1,58,560 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित किया
पिछले वर्ष की तुलना में नौ प्रतिशत अधिक
रांची: आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट मंगलवार को वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर ने सदन में रखा। बजट के बाद उन्होंने प्रेस वार्ता में कहा कि इस बार का बजट ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति देने वाला है। ग्रामीण क्षेत्रों में अधिक से अधिक रोजगार पैदा होंगे। बजट के निर्माण में मुख्यमंत्री के निर्देश का पालन किया गया है। बजट बनाने के पूर्व कई सुझाव लिए गए थे। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 1,58,560 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित किया है, जो वित्तीय वर्ष 2025-26 के 1,45,400 करोड़ रुपये की तुलना में 9 प्रतिशत अधिक है। बजट के तुलनात्मक विश्लेषण से स्पष्ट है कि सरकार ने सामाजिक क्षेत्र, बुनियादी ढांचे और आंतरिक संसाधन बढ़ाने पर खास जोर दिया है।
योजना बजट में 10 प्रतिशत की वृद्धि करते हुए इसे 91,741 करोड़ से बढ़ाकर 1,00,891 करोड़ रुपये किया गया है। स्थापना बजट 53,658 करोड़ से बढ़कर 57,669 करोड़ रुपये (7.5 प्रतिशत वृद्धि) हो गया है।
योजना व्यय में टीएसपी मद 30,259 करोड़ से बढ़कर 43,940 करोड़ (45 प्रतिशत वृद्धि) पहुंच गया है, जो अनुसूचित जनजाति क्षेत्रों के विकास पर विशेष ध्यान को दर्शाता है। एससीएसपी मद में भी 6 प्रतिशत की वृद्धि कर 8,744 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
शिक्षा बजट 17,608 करोड़ से बढ़ाकर 18,816 करोड़ रुपये (7 प्रतिशत वृद्धि) किया गया है। स्वास्थ्य क्षेत्र में 7,471 करोड़ से बढ़ाकर 7,990 करोड़ रुपये (7 प्रतिशत वृद्धि) का प्रावधान है।
कृषि क्षेत्र में 4,588 करोड़ से बढ़ाकर 4,885 करोड़ रुपये (6.5 प्रतिशत वृद्धि) का प्रावधान किया गया है, जिससे किसानों को राहत और उत्पादन बढ़ाने की उम्मीद है।
बाल बजट में 15 प्रतिशत की वृद्धि कर इसे 9,411 करोड़ से बढ़ाकर 10,793 करोड़ रुपये किया गया है। जेंडर बजट का आकार 34,211 करोड़ रुपये प्रस्तावित है।
पथ-पुल निर्माण मद 10,477 करोड़ से बढ़कर 11,683 करोड़ रुपये (11.5 प्रतिशत वृद्धि) हो गया है, जो बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम है।
वेतन मद 20,255 करोड़ से बढ़कर 21,968 करोड़ रुपये (8.5 प्रतिशत वृद्धि) किया गया है।
हालांकि पेंशन मद में 10,173 करोड़ से घटाकर 9,967 करोड़ रुपये (-2 प्रतिशत) का प्रावधान किया गया है।
ब्याज भुगतान 6,355 करोड़ से बढ़कर 6,520 करोड़ रुपये (2.6 प्रतिशत वृद्धि) हो गया है।
राजस्व आय 1,25,153 करोड़ से बढ़कर 1,36,136 करोड़ रुपये (8.8 प्रतिशत वृद्धि) होने का अनुमान है। खनन से आय में 23 प्रतिशत की वृद्धि कर 27,000 करोड़ रुपये का लक्ष्य रखा गया है। उत्पाद से आय 3,000 करोड़ से बढ़ाकर 4,500 करोड़ रुपये (50 प्रतिशत वृद्धि) प्रस्तावित है।
परिवहन से आय 2,400 करोड़ से बढ़ाकर 2,700 करोड़ (12.5 प्रतिशत वृद्धि) की गई है।
भू-राजस्व से आय 1,800 करोड़ से बढ़ाकर 2,000 करोड़ (11 प्रतिशत वृद्धि) तथा निबंधन से आय 1,500 करोड़ से बढ़ाकर 1,800 करोड़ (16.6 प्रतिशत वृद्धि) प्रस्तावित है।
वन से आय 1,200 करोड़ से बढ़ाकर 1,300 करोड़ (8.3 प्रतिशत वृद्धि) और जल संसाधन से आय 380 करोड़ से बढ़ाकर 1,000 करोड़ रुपये (163 प्रतिशत वृद्धि) होने का अनुमान है।
हालांकि वाणिज्य कर से आय 26,500 करोड़ से घटाकर 24,000 करोड़ रुपये (-9 प्रतिशत) आंकी गई है।
तुलनात्मक विश्लेषण से साफ है कि सरकार ने बजट का आकार बढ़ाते हुए सामाजिक क्षेत्र, अनुसूचित जाति-जनजाति कल्याण, बच्चों और आधारभूत संरचना पर फोकस रखा है। वहीं खनन, उत्पाद और जल संसाधन जैसे क्षेत्रों से अधिक राजस्व जुटाने की रणनीति अपनाई गई है।
वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट विकास और संसाधन संतुलन की दिशा में एक व्यापक प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।
वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट का आकार बढ़ा, सामाजिक क्षेत्र और संसाधन जुटाने पर विशेष फोकस
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति देने वाला बजट: राधा कृष्ण किशोर
वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 1,58,560 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित किया
पिछले वर्ष की तुलना में नौ प्रतिशत अधिक
किसानों को राहत और उत्पादन बढ़ाने की उम्मीद है।
बाल बजट में 15 प्रतिशत की वृद्धि कर इसे 9,411 करोड़ से बढ़ाकर 10,793 करोड़ रुपये किया गया है। जेंडर बजट का आकार 34,211 करोड़ रुपये प्रस्तावित है।
पथ-पुल निर्माण मद 10,477 करोड़ से बढ़कर 11,683 करोड़ रुपये (11.5 प्रतिशत वृद्धि) हो गया है, जो बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम है।
वेतन मद 20,255 करोड़ से बढ़कर 21,968 करोड़ रुपये (8.5 प्रतिशत वृद्धि) किया गया है।
हालांकि पेंशन मद में 10,173 करोड़ से घटाकर 9,967 करोड़ रुपये (-2 प्रतिशत) का प्रावधान किया गया है।
ब्याज भुगतान 6,355 करोड़ से बढ़कर 6,520 करोड़ रुपये (2.6 प्रतिशत वृद्धि) हो गया है।
