विवि में असामाजिक तत्वों की घुसपैठ एवं कर्मचारी की आपराधिक संलिप्तता के विरुद्ध डीएसडब्लू का घेराव

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Ranchi
: विश्वविद्यालय परिसर में छात्र संगठनों द्वारा कुलसचिव, प्रॉक्टर एवं ऊरह का संयुक्त रूप से घेराव किया गया। यह घेराव उस जघन्य एवं शर्मनाक घटना के विरोध में था, जिसमें एक विश्वविद्यालय कर्मचारी द्वारा असामाजिक तत्वों को बुलाकर छात्रों व शिक्षकों के साथ मारपीट, गाली-गलौज और हथियारों का प्रदर्शन किया गया। छात्र प्रतिनिधि अभिषेक झा ने बताया कि विश्वविद्यालय प्रशासन की चुप्पी अब अस्वीकार्य हो चुकी है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय शिक्षा का केंद्र न रहकर, असामाजिक तत्वों और दलाल कर्मचारियों की गतिविधियों का अड्डा बनता जा रहा है। एक महिला कर्मचारी द्वारा गुंडों को बुलाकर परिसर में आतंक फैलाना, हथियार लहराना, छात्रों-शिक्षकों को गाली देना। यह न केवल निंदनीय है, बल्कि पूरी शिक्षा व्यवस्था पर हमला है। हमने प्रशासन के शीर्ष पदाधिकारियों को घेरकर साफ कहा है कि 24 घंटे के भीतर उक्त कर्मचारी को तत्काल निष्कासित किया जाए एवं डीएसडब्लू दर्ज हो। साथ ही गुंडों की पहचान कर उन पर भी कड़ी से कड़ी कानूनी कार्रवाई हो। अगर ऐसा नहीं हुआ, तो हम विवश होकर सम्पूर्ण विश्वविद्यालय को अनिश्चितकाल के लिए बंद करेंगे। यह परिसर किसी अधिकारी की निजी संपत्ति नहीं है, यह छात्रों और शिक्षकों की सांझी विरासत है झ्र और इसकी रक्षा के लिए अब निर्णायक संघर्ष होगा। हम न झुकेंगे, न डरेंगे। छात्र संगठनों की प्रमुख मांग में कहा गया कि दोषी कर्मचारी को तत्काल निष्कासित कर डीएसडब्लू दर्ज की जाए। बाहरी असामाजिक तत्वों की पहचान कर उनके विरुद्ध कठोरतम कानूनी कार्रवाई की जाए। विश्वविद्यालय परिसर में सुरक्षा व्यवस्था को तत्काल प्रभाव से मजबूत किया जाए। असामाजिक तत्वों एवं संदिग्ध व्यक्तियों के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध लगे। छात्र संगठनों के विरोध और मांगों को गंभीरता से लेते हुए कुलपति महोदय ने छात्रों को यह आश्वासन दिया कि इस गंभीर प्रकरण की तत्काल जांच हेतु एक च्चस्तरीय जांच समिति गठित की जा रही है। जब तक समिति की रिपोर्ट प्राप्त नहीं हो जाती, आरोपित कर्मचारी को निलंबित किया जाएगा। समिति को निर्देश दिया गया है कि वह 24 घंटे के भीतर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करे, ताकि उसके आधार पर आवश्यक कानूनी व प्रशासनिक कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। छात्र संगठन ने चेतावनी देते हुए कहा अगर विश्वविद्यालय प्रशासन 24 घंटे के भीतर ठोस कार्रवाई नहीं करता है, तो छात्रों द्वारा विश्वविद्यालय को पूर्णत बंद कर दिया जाएगा एवं उग्र आंदोलन की रूपरेखा घोषित की जाएगी।

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