धनबाद: केंदुआडीह थाना क्षेत्र के अंतर्गत यूसीसी-इन्फ्रा कंपनी ने अपने मशीनों और वाहनों को जबरन माइंस क्षेत्र में रोके जाने तथा हाइजेक किए जाने के मामले में केंदुआडीह थाना में प्राथमिकी दर्ज कराने की मांग की है। कंपनी की ओर से सुपरवाइजर रमेश कुमार सिंह ने थाना प्रभारी को लिखित शिकायत सौंपते हुए इस घटना को गंभीर आपराधिक साजिश करार दिया है। शिकायत पत्र में बताया गया है कि यूसीसी-इन्फ्रा (जेवी) वर्ष 2020 से बीसीसीएल के कुसुंडा क्षेत्र में कोयला उत्पादन कार्य कर रही है। कंपनी का कार्य 31 अक्टूबर 2025 को पूर्ण हो चुका था, जिसकी सूचना सभी कर्मचारियों को पूर्व में दे दी गई थी। बावजूद इसके, कंपनी के ही कुछ पूर्व ड्राइवरों—नीतीश कुमार शर्मा (कुक्कू), शंभू वाउरी, अंजन प्रियदर्शी (उर्फ ललित चौहान) और विकास प्रसाद ने आपराधिक षड्यंत्र के तहत कंपनी की करोड़ों रुपये मूल्य की मशीनों और गाड़ियों को 29 अक्टूबर 2025 से अवैध रूप से माइंस क्षेत्र में रोक रखा है। कंपनी के अनुसार, उक्त मशीनें और वाहन वर्तमान में असुरक्षित माइंस क्षेत्र में लावारिस पड़ी हैं, जिससे चोरी, तोड़फोड़ या जानबूझकर नुकसान की आशंका बनी हुई है। पत्र में कहा गया है कि किसी भी संभावित क्षति या नुकसान के लिए केवल वही नामजद अभियुक्त जिम्मेदार होंगे। रमेश कुमार सिंह ने अपने पत्र में यह भी उल्लेख किया है कि इन अभियुक्तों द्वारा जान से मारने की धमकी दी गई, अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया और रंगदारी वसूली की कोशिश भी की गई। उन्होंने पुलिस प्रशासन से आग्रह किया है कि इन सभी के विरुद्ध तत्काल एफआईआर दर्ज कर गिरफ्तारी की जाए तथा कंपनी की संपत्ति और कार्य को सुरक्षा प्रदान की जाए। उन्होंने कहा कि इस मामले में उचित और कठोर कानूनी कार्रवाई अपेक्षित है, ताकि भविष्य में किसी भी कंपनी या श्रमिक संगठन के बीच इस प्रकार की जबरन बाधा की घटनाएं दोबारा न हों।
