देश के विभिन्न राज्यों से इंटक के राष्ट्रीय स्तर के पदाधिकारी पदाधिकारी महाधिवेशन में होंगे शामिल
NUTAN
लोहरदगा: आगामी 30 मई को आयोजित होने वाले इंटक के महाधिवेशन को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं। यूनियन के अध्यक्ष निशीथ जायसवाल ने एक बयान जारी कर कहा कि यह महाधिवेशन केवल एक संगठनात्मक कार्यक्रम नहीं, बल्कि देशभर के मजदूरों की आवाज को एक मंच पर लाने वाला ऐतिहासिक आयोजन साबित होगा। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम पूर्व सांसद सह यूनियन के महासचिव धीरज प्रसाद साहू जी के नेतृत्व में आयोजित किया जा रहा है, जिसमें देश के विभिन्न राज्यों से इंटक के राष्ट्रीय स्तर के पदाधिकारी, श्रमिक नेता एवं सामाजिक प्रतिनिधि शामिल होंगे।
निशीथ जायसवाल ने कहा कि इंटक हमेशा से मजदूर हितों की लड़ाई मजबूती के साथ लड़ती रही है और यह महाधिवेशन उसी संघर्ष एवं एकता की भावना को और सशक्त करेगा। उन्होंने कहा, “आज देशभर में मजदूर वर्ग कई चुनौतियों का सामना कर रहा है। ऐसे समय में सभी श्रमिक संगठनों एवं मजदूर नेताओं का एक मंच पर आना आवश्यक है। 30 मई का यह महाधिवेशन मजदूरों के अधिकार, सम्मान और सुरक्षा को लेकर एक नई दिशा तय करेगा।” उन्होंने बताया कि महाधिवेशन में श्रमिकों से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की जाएगी। विशेष रूप से खनन क्षेत्र में कार्यरत मजदूरों की सुरक्षा, रोजगार की स्थिरता, श्रम कानूनों के पालन, मजदूरों के सामाजिक एवं आर्थिक अधिकारों तथा संगठन की मजबूती को लेकर महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि मजदूरों की समस्याओं को सरकार और प्रबंधन तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने के लिए संगठन को और अधिक मजबूत बनाना समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि महाधिवेशन को लेकर मजदूरों एवं यूनियन कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह देखा जा रहा है। कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए विभिन्न क्षेत्रों में लगातार बैठकें और जनसंपर्क अभियान चलाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि हजारों की संख्या में मजदूर, यूनियन प्रतिनिधि एवं समर्थक इस कार्यक्रम में शामिल होंगे। उन्होंने यह भी कहा कि यह महाधिवेशन केवल लोहरदगा या झारखंड तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरे देश के श्रमिक आंदोलन को नई ऊर्जा देने का कार्य करेगा। देश के विभिन्न राज्यों से आने वाले इंटक नेताओं की उपस्थिति मजदूर एकता को और मजबूत करेगी। अंत में निशीथ जायसवाल ने सभी मजदूरों, यूनियन सदस्यों एवं आम लोगों से 30 मई के महाधिवेशन में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर कार्यक्रम को ऐतिहासिक बनाने की अपील की।
