Eksandeshlive Desk
रांची : झारखंड उच्च न्यायालय ने गुरुवार को राजधानी रांची स्थित लालपुर, नगड़ाटोली स्थित राजकीयकृत प्राथमिक विद्यालय में बने शौचालय की दुर्दशा मामले में स्वतः संज्ञान लिया है। उच्च न्यायालय के चीफ जस्टिस तरलोक सिंह चौहान की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने मामले को गंभीरता से लेते हुए रांची नगर निगम को जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने नगर निगम से पूछा है कि उक्त स्कूल का शौचालय का दरवाजा टूट जाने के बाद उसकी मरमती क्यों नहीं की गई। स्कूल में बने नगर निगम का शौचालय इतना गंदा क्यों है? उसमें ताला क्यों जड़ा हुआ है। मामले में अगली सुनवाई छह नवंबर को होगी।
समाचार को कोर्ट ने गंभीरता से लिया : रांची नगर निगम की ओर से अधिवक्ता एलसीएन शाहदेव ने पक्ष रखा। दरअसल, रांची से प्रकाशित स्थानीय समाचार पत्र में उल्लेख किया गया है कि उक्त स्कूल के शौचालय का दरवाजा पूरी तरह से टूटा हुआ है। ऐसे में स्कूल की बच्चियों को शौचालय जाने के लिए टूटे दरवाजे का इस्तेमाल करना पड़ता है। स्कूल परिसर में ही नगर निगम की ओर से भी तीन मॉड्यूलर टॉयलेट बनाए गए हैं लेकिन इसकी दो यूनिट में ताला जड़ा हुआ है और एक यूनिट का दरवाजा खुला है, लेकिन वहां इतनी गंदगी है कि पास जाते ही खड़ा रहना मुश्किल है। ऐसे में स्कूल की बच्चिया रोजाना उसी टूटे दरवाजे को पार करके शौचालय जाने को विवश है। इस समाचार को कोर्ट ने गंभीरता से लिया है।
