Reporting by Sunil
Ranchi : झारखंड प्रांतीय मारवाड़ी सम्मेलन एवं मारवाड़ी सहायक समिति के संयुक्त तत्वाधान में मारवाड़ी भवन में चल रहे तीन दिवसीय मारवाड़ महोत्सव के दूसरे दिन भी अच्छी भीड़ उमड़ी, लोगों को राजसी परंपराएं, जीवंत संस्कृति मारवाड़ी गौरव का भव्य संगम देखने को मिल रहा है, राजस्थान से पधारे 40 राजस्थानी कलाकारों द्वारा लोक कला, लोकगीत, नृत्य,कठपुतली नृत्य, हास्य और पारंपरिक रंग तथा राजस्थान की समृद्ध संस्कृति एवं स्वादिष्ट व्यंजनों की भरपूर आनंद दे रहे हैं तथा महोत्सव में लोग राजस्थानी व्यंजन चोखी धाणी में 30 से भी अधिक राजस्थानी स्वादिष्ट व्यंजन का लुत्फ उठा रहे हैं तथा रंगारंग सांस्कृतिककार्यक्रमों में घूमर नृत्य, कालबेलिया, लोकगीत, लोकनाट्य महोत्सव में राजस्थान की जीवित परंपराओं को जीवंत कर दिया है।साथ ही साथ मेहंदी रचनी-पारंपरिक डिजाइनों से सजे हाथ, अपनी संस्कृति ने जाणो-मारवाड़ी परंपरा और विरासत की प्रस्तुति, मारवाड़ री मंच-लोक कलाकारों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, रंग भरो राजस्थान- रंगीली और रंगों की रचनात्मक छंटा, घूमर डांस- राजस्थानी लोक नृत्य की शान, कुण है फुतारो-पारंपरिक वेशभूषा प्रतियोगिता, अपणी माटी रो गीत- मिट्टी से जुड़े मधुर लोकगीत, पगड़ी रो पेंच-मारवाड़ी शान और पगड़ी बांधने की कला, हंस लो सा-हास्य से भरपूर मनोरंजन, के साथ-साथ हुक्का, कुएं में पानी का सेल्फी प्वाइंट, भाग्य बताते तोता पंडित, निशानेबाजी, बैलून फोड़ना, कठपुतली डांस से जीवंतता प्रदान करने का प्रयास, जयपुर से आए सुनील भट्ट की 24 सदस्य टीम ने ढोलक की थाप से लोकगीत, कलाकारों द्वारा मारवाड़ी वेशभूषा में नृत्य संगीत गीत की अलग-अलग अनूठे अंदाज में प्रस्तुत कर लोगों को खूब झुमाया। झारखंड प्रांतीय मारवाड़ी सम्मेलन के संयुक्त महामंत्री सह प्रवक्ता संजय सर्राफ ने बताया कि मारवाड़ी भवन में राजस्थान की खुशबू रांची में देर रात तक चला तथा मारवाड़ महोत्सव में झारखंड प्रांतीय मारवाड़ी सम्मेलन के अध्यक्ष सुरेश चंद्र अग्रवाल, महामंत्री विनोद कुमार जैन, वरीय उपाध्यक्ष ललित कुमार पोद्दार,मारवाड़ी सहायक समिति के अध्यक्ष पवन कुमार शर्मा, आयोजन समिति के अरुण भरतीया,अनुज अग्रवाल, विकास मोदी, अभिषेक झाझरिया, डाॅली केजरीवाल, शशांक बजाज, मोनिका अग्रवाल, विनीता सिंघानिया, कुणाल जालान, शैलेश अग्रवाल, निकुंज पोद्दार, रमन बोड़ा, अशोक नारसरिया, मनोज चौधरी,कौशल राजगढ़िया, सज्जन पाड़िया, निर्मल बुधिया, अनिल अग्रवाल, किशन पोद्दार,संजय सर्राफ, सुनील पोद्दार, अमर अग्रवाल, नारायण विजयवर्गीय, भरत बगड़िया, कमल शर्मा एवं दोनों संस्थाओं के पदाधिकारियों एंव सदस्यगण अहम भूमिका निभा रहे हैं। अंतिम दिन 18 जनवरी रविवार को शाम 5 से बजे से नानी बाई को मायरो का जीवंत नृत्य नाटिका का भव्य आयोजन किया गया है
