बारेसांड़ में नए रेंजर के अतिरिक्त प्रभार का विरोध तेज

Ek Sandesh Live

News by Mukesh


लातेहार गारू: : पलामू टाइगर रिजर्व के महत्वपूर्ण बारेसांड़ वन क्षेत्र में नए रेंजर तरुण कुमार सिंह को अतिरिक्त प्रभार दिए जाने के विरोध में ग्रामीणों का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। विरोध के तीसरे दिन आधा दर्जन से अधिक गांवों के ग्राम प्रधानों और ग्रामीणों ने संयुक्त रूप से डीएफओ कुमार आशीष को ज्ञापन सौंपकर तरुण सिंह को रेंजर का प्रभार नहीं देने तथा पूर्व रेंजर नंदकुमार महतो को पुन: बारेसांड़ का रेंजर बनाए जाने की मांग की।ज्ञापन सौंपने वालों में ग्राम प्रधान प्रकाश मंडा, दानियल वृजिया, उपेंद्र उरांव, मिठु सिंह समेत अन्य ग्रामीण शामिल थे। ग्रामीणों ने कहा कि बारेसांड़ वन क्षेत्र पलामू टाइगर रिजर्व का संवेदनशील इलाका है, जहां वन और वन्यजीवों की सुरक्षा के साथ-साथ ग्रामीणों के हितों की रक्षा भी जरूरी है। ऐसे में यहां नियमित और पूर्णकालिक रेंजर की तैनाती आवश्यक है। ग्रामीणों ने बताया कि जिस रेंजर को यहां का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है, वे फिलहाल करीब 300 किलोमीटर दूर आनंदपुर में पदस्थापित हैं। ऐसे में उनके लिए बारेसांड़ क्षेत्र में नियमित रूप से कार्य करना संभव नहीं हो पाएगा। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि अतिरिक्त प्रभार दिए जाने से क्षेत्र की समस्याओं के समाधान में बाधा उत्पन्न होगी। उनका कहना है कि अतिरिक्त जिम्मेदारी संभालने वाले अधिकारी का क्षेत्र में नियमित रूप से उपस्थित रहना संभव नहीं होगा, जिससे वन सुरक्षा, वन्यजीव संरक्षण और ग्रामीणों से जुड़ी समस्याएं प्रभावित होंगी। ग्रामीणों ने पूर्व रेंजर नंदकुमार महतो के कार्यकाल की सराहना करते हुए कहा कि उनके समय में ग्रामीणों की समस्याओं का त्वरित समाधान होता था और विभाग व ग्रामीणों के बीच बेहतर समन्वय बना हुआ था। ग्राम प्रधानों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो हजारों ग्रामीण वन विभाग के खिलाफ व्यापक आंदोलन शुरू करेंगे। उन्होंने कहा कि ग्रामीण अपने अधिकारों और क्षेत्र के हितों से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करेंगे। डीएफओ कुमार आशीष ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि उनकी मांगों और भावनाओं को विभाग के उच्चाधिकारियों तक पहुंचाया जाएगा। उन्होंने कहा कि विभाग ग्रामीणों के अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और हर संभव प्रयास किया जाएगा ताकि उनकी समस्याओं का समाधान सुनिश्चित किया जा सके। ग्रामीणों के लगातार विरोध और ज्ञापन सौंपे जाने के बाद अब वन विभाग की अगली कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।

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