पश्चिम एशिया सैन्य संघर्ष : ईरान का अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर को निशाना बनाने का दावा

INTERNATIONAL

Eksandeshlive Desk

इस्तांबुल/वॉशिंगटन : पश्चिम एशिया में ईरान के साथ अमेरिका-इजराइल के भीषण होते सैन्य टकराव के बीच ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने दावा किया है कि उसने मिसाइल और ड्रोन हमले में अमेरिकी विमान वाहक पोत अब्राहम लिंकन (सीवीएन-72) को नुकसान पहुंचाया है। अमेरिका ने अभी तक ईरान के दावे की पुष्टि नहीं की है। तुर्किए की सरकारी समाचार एजेंसी अनादोलु (एए) के मुताबिक ईरान की आईआरजीसी ने दावा किया है कि उसने मिसाइल और ड्रोन हमले में अमेरिकी विमान वाहक पोत अब्राहम लिंकन (सीवीएन-72) को भारी नुकसान पहुंचाया है। आईआरजीसी ने अपने बयान में कहा कि क्षेत्र में चल रहे सैन्य अभियानों के दौरान अमेरिकी नौसेना के इस विमानवाहक पोत को निशाना बनाया गया, लेकिन हमले से हुए नुकसान या संभावित हताहतों के बारे में कोई विस्तृत जानकारी नहीं दी गई।

अब्राहम लिंकन मध्य-पूर्व में तैनात दो अमेरिकी विमानवाहक पोतों में से एक : इसी बीच, अमेरिकी टेलीविजन और रेडियो प्रसारक कोलंबिया ब्रॉडकास्टिंग सिस्टम (सीबीएस) ने नाम नहीं छापने की शर्त पर दो अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से बताया कि इस सप्ताह की शुरुआत में एक अलग घटना में एक ईरानी जहाज अमेरिकी विमानवाहक पोत अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर अब्राहम लिंकन के काफी करीब पहुंच था। अमेरिकी नौसेना ने उस जहाज को दूर रहने की चेतावनी देने के लिए कार्रवाई की। अमेरिकी अधिकारियों ने बताया कि एक अमेरिकी युद्धपोत से ईरानी जहाज पर नौसैनिक तोप से गोलीबारी की गई। पूरी तरह ऑटोमैटिक यह नौसैनिक तोप आमतौर पर डिस्ट्रॉयर और क्रूजर जहाज़ों के आगे के हिस्से में लगाई जाती है। हालांकि, शुरुआती गोलीबारी के दाैरान निशाना चूक गया था। फिलहाल, यह अभी स्पष्ट नहीं है कि ये गोलियां चेतावनी के तौर पर चलाई गई थीं या सीधे हमले के लिए। इसके बाद स्थिति को नियंत्रित करने के लिए हेलफायर मिसाइलों से लैस सैन्य हेलीकॉप्टर भेजा गया, जिसने ईरानी जहाज की ओर दो मिसाइलें दागीं। इस संबंध में अभी तक यह जानकारी सामने नहीं आई है कि उस जहाज को कितना नुकसान हुआ या उसके चालक दल की क्या स्थिति है। अमेरिकी सैन्य अभियानों की निगरानी करने वाली इकाई अमेरिकी सेंट्रल कमांड से जब इस मामले पर प्रतिक्रिया मांगी गई तो रक्षा विभाग के एक अधिकारी ने कहा कि फिलहाल उनके पास साझा करने के लिए कोई जानकारी नहीं है। अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर अब्राहम लिंकन, मध्य-पूर्व में तैनात दो अमेरिकी विमानवाहक पोतों में से एक है। लिंकन कैरियर स्ट्राइक ग्रुप जनवरी के अंत में इस क्षेत्र में पहुंचा था, तब राष्ट्रपति ट्रंप ने इसे एक “विशाल बेड़ा” बताया था।

Spread the love