By Mustaffa
हजारीबाग के 17 वर्षीय युवक की आंतों में हो गए थे कई छेद , डॉ. जावेद की टीम ने बचाई जान
मेसरा: बीआईटी मेसरा ओपी क्षेत्र के नेवरी गोलंबर चौक स्थित विकास अस्पताल के डॉक्टरों ने एक बार फिर अपनी काबिलियत का लोहा मनवाया है। सड़क हादसे में मौत के मुहाने पर खड़े 17 वर्षीय प्रिंस कुजूर को डॉक्टरों की टीम ने ढाई घंटे की जटिल सर्जरी के बाद नई जिंदगी दी है। मरीज की आंतें गल चुकी थीं और संक्रमण पूरे शरीर में फैल रहा था,जिसे समय रहते नियंत्रित कर लिया गया। जानकारी के अनुसार,हजारीबाग के बरतूआ निवासी संनिका कुजूर का पुत्र प्रिंस एक सप्ताह पहले सड़क दुर्घटना का शिकार हो गया था। बाहर से मामूली दिखने वाली यह चोट अंदर ही अंदर जानलेवा बन चुकी थी। कई अस्पतालों के चक्कर काटने के बाद जब प्रिंस की हालत बेहद गंभीर हो गई, तो परिजनों ने उसे गुरुवार रात विकास अस्पताल में भर्ती कराया। वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. जावेद अहमद के नेतृत्व में जब जांच की गई,तो चौंकाने वाली बात सामने आई। संक्रमण की वजह से प्रिंस की आंतों का कुछ हिस्सा गल गया था और उनमें कई जगह छेद हो गए थे। वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. जावेद अहमद ने कहा,मरीज की स्थिति बहुत नाजुक थी। संक्रमण तेजी से फैल रहा था और एक-एक पल कीमती था। हमने तत्काल ऑपरेशन का फैसला लिया और करीब 2.5 घंटे की मशक्कत के बाद क्षतिग्रस्त हिस्सों को ठीक किया गया। अस्पताल के चिकित्सक डॉ. एसपी सिंह ने बताया कि विकास अस्पताल अब गंभीर से गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए पूरी तरह सुसज्जित है। वहीं,अस्पताल के निदेशक राधा चरण सिंह ने सफल ऑपरेशन के लिए डॉ. जावेद अहमद,डॉ. एसपी सिंह,डॉ. समीम अख्तर और पूरी नर्सिंग टीम को बधाई दी है।
