Eksandeshlive Desk
रांची : विश्व अस्थमा दिवस 2026 के अवसर पर इस वर्ष की थीम “अस्थमा से पीड़ित सभी लोगों के लिए सूजनरोधी इनहेलर की उपलब्धता – एक अत्यावश्यक आवश्यकता” पर विशेष जोर दिया जा रहा है। मेदांता अस्पताल रांची के स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि अस्थमा के प्रभावी प्रबंधन के लिए केवल जागरूकता ही नहीं, बल्कि सूजन को नियंत्रित करने वाले प्रिवेंटर इनहेलर की समय पर उपलब्धता भी बेहद जरूरी है। विश्वभर में लाखों लोग अस्थमा से प्रभावित हैं, जिससे उनका दैनिक जीवन प्रभावित होता है और गंभीर मामलों में यह जानलेवा भी हो सकता है यदि समय पर सही उपचार न मिले। इस अवसर पर डॉ नीरज कुमार, सीनियर कंसल्टेंट, पल्मोनोलॉजिस्ट, मेदांता अस्पताल, रांची ने कहा, “अस्थमा एक क्रॉनिक बीमारी है, लेकिन सही उपचार और नियमित दवा के उपयोग से इसे प्रभावी रूप से नियंत्रित किया जा सकता है। दुर्भाग्य से, कई मरीज केवल रिलीवर इनहेलर पर निर्भर रहते हैं, जबकि सूजनरोधी इनहेलर का नियमित उपयोग ही बीमारी को जड़ से नियंत्रित करने में मदद करता है। हर मरीज तक इन आवश्यक दवाओं की पहुंच सुनिश्चित करना समय की मांग है।”
मेदांता के डॉ. नीरज कुमार ने बताया कि अस्थमा के सामान्य लक्षण: घरघराहट (सांस लेते या छोड़ते समय सीटी जैसी आवाज), सांस लेने में कठिनाई, लगातार खांसी (विशेषकर रात या सुबह), सीने में जकड़न और नींद में बाधा—ये सभी अस्थमा के प्रमुख संकेत हैं। ये लक्षण व्यक्ति-विशेष के अनुसार अलग-अलग समय और तीव्रता में दिखाई दे सकते हैं। अस्थमा के प्रमुख ट्रिगर्स में एलर्जी (धूल, परागकण, पालतू जानवर), प्रदूषण और धुआं, सर्दी-जुकाम या वायरल संक्रमण, व्यायाम, मौसम में बदलाव, तनाव और कुछ दवाएं शामिल हो सकते हैं। ये सभी कारक अस्थमा के लक्षणों को बढ़ा सकते हैं। डॉ. नीरज कुमार ने अस्थमा प्रबंधन के उपायों के बारे में नियमित रूप से प्रिवेंटर (सूजनरोधी) इनहेलर का उपयोग, लक्षण बढ़ने पर रिलीवर इनहेलर का सही इस्तेमाल, ट्रिगर्स से बचाव, डॉक्टर द्वारा बनाई गई अस्थमा एक्शन प्लान का पालन, नियमित जांच और लक्षणों की निगरानी, स्वस्थ जीवनशैली—धूम्रपान से बचाव, व्यायाम और संतुलित आहार का उल्लेख किया। मेदांता हॉस्पिटल , रांची के डॉ. कुमार ने आगे कहा, “मरीजों को अपने लक्षणों को समझना और समय रहते डॉक्टर से परामर्श लेना चाहिए। सही जानकारी और उपचार के साथ अस्थमा से पीड़ित व्यक्ति भी सामान्य और सक्रिय जीवन जी सकता है।” विश्व अस्थमा दिवस के इस अवसर पर सभी स्वास्थ्य संस्थानों और नीति निर्माताओं से अपील की गई है कि वे आवश्यक इनहेलर दवाओं की उपलब्धता और पहुंच को बेहतर बनाने के लिए ठोस कदम उठाएं, ताकि हर मरीज को समय पर उचित उपचार मिल सके।
