टाटा ने फ्रांसीसी कंपनी एयरबस के सहयोग से तैयार किया पहला सी-295 एयरक्राफ्ट

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इसी तरह 39 अन्य विमानों का निर्माण दस वर्षों के भीतर टाटा कंसोर्टियम भारत में ही करेगा

Eksandeshlive Desk

नई दिल्ली : फ्रांसीसी कंपनी एयरबस के सहयोग से गुजरात के वडोदरा में टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स लिमिटेड ने फाइनल असेंबली लाइन में पहला सी-295 एयरक्राफ्ट तैयार कर लिया है। यह भारत में सैन्य परिवहन का पहला एयरक्राफ्ट है, जो भारतीय वायुसेना के लिए ‘आत्मनिर्भर भारत’ पहल को पूरा करता है। यह पहली बार है जब किसी प्राइवेट भारतीय कंपनी ने देश में पूरी मिलिट्री एयरक्राफ्ट फाइनल असेंबली लाइन बनाई और चालू की है। यह कार्यक्रम 2021 में किए गए 21 हजार 935 करोड़ के ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ़्ट डील के तहत वायु सेना के लिए फ्रांसीसी कंपनी एयरबस की साझेदारी में चलाया जा रहा है। फ्रांसीसी कंपनी एयरबस डिफेंस एंड स्पेस के साथ 24 सितंबर 2021 को 56 सी-295 सैन्य परिवहन विमानों का सौदा फाइनल हुआ था। इसी सौदे के तहत यह पहला विमान स्पेन में ही तैयार करके वायु सेना को आपूर्ति भी कर दिया गया है। यह पहला सी-295 परिवहन विमान 20 सितम्बर 2023 को वडोदरा के वायु सेना स्टेशन पर उतरा था। इस विमान को ग्रुप कैप्टन पीएस नेगी फ्रांस से मिस्र और बहरीन होते हुए उड़ाकर भारत लाये थे। इसके बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 25 सितंबर को हिंडन एयरबेस पर विमान को औपचारिक रूप से भारतीय वायु सेना के परिवहन बेड़े में शामिल किया था।

सी-295 सैन्य परिवहन विमान की खासियत : भारतीय वायु सेना के लिए स्पेन में तैयार किया गया पहला सी-295 सैन्य परिवहन विमान 13 सितंबर को एयरबस कंपनी ने भारतीय वायु सेना के तत्कानीन प्रमुख एयर चीफ मार्शल वीआर चौधरी को स्पेन के सेविले में सौंपा था। सी-295 विमान की चाबी मिलने के बाद उसी दिन एयर चीफ ने स्पेन में खुद यह विमान उड़ाकर इसकी क्षमता परखी थी। समझौते के मुताबिक़ कंपनी को 16 विमान स्पेन में तैयार करके भारत को ‘फ्लाइंग मोड’ में आपूर्ति करना है, जबकि अन्य 40 विमानों का निर्माण दस वर्षों के भीतर टाटा कंसोर्टियम भारत में ही करेगा। सभी 40 भारतीय-निर्मित एयरक्राफ्ट अगस्त 2031 तक आपूर्ति किये जाने की उम्मीद है। हैदराबाद की मुख्य उपकरण असेंबली में एयरक्राफ्ट के उपकरण तैयार करके वडोदरा प्लांट में असेंबल किए जाते हैं। इस विमान को दो लोग उड़ाते हैं और इसकी क्षमता 73 सैनिक या 48 पैराट्रूपर्स या 12 स्ट्रेचर इंटेंसिव केयर मेडवैक या 27 स्ट्रेचर मेडवैक के साथ 4 मेडिकल अटेंडेंट ले जाने की है। यह अधिकतम 9250 किलोग्राम तक वजन उठा सकता है। इसकी गति अधिकतम 482 किलोमीटर प्रति घंटा है और अधिकतम 13,533 फीट की ऊंचाई पर उड़ सकता है। इसे टेक ऑफ करने के लिए 844 मीटर से 934 मीटर लंबाई वाला और उतरने के लिए सिर्फ 420 मीटर का रनवे चाहिए। हथियार लगाने के लिए इसमें छह हार्ड प्वाइंट्स होते हैं। यानी हथियार और बचाव प्रणाली लगाने के लिए दोनों विंग्स के नीचे तीन-तीन जगह होती हैं, जिसमें 800 किलोग्राम के हथियार लगाए जा सकते हैं।

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